NEP 2020: तीन-भाषा नीति पर दिग्विजय सिंह की आपत्ति, पीएम मोदी को पत्र लिखकर की ये मांग
NEP 2020: नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र के बीच कक्षा 9 के छात्रों के लिए इस नीति को अनिवार्य रूप से लागू करना छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में कहा कि पर्याप्त शिक्षकों, पाठ्यपुस्तकों और तैयारी के लिए समय की कमी के बावजूद नीति लागू करने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया प्रतीत होता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था पैदा हो सकती है। सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 में सीबीएसई ने निर्णय लिया था कि एनसीईआरटी की नई भाषा पुस्तकों के उपलब्ध होने तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी। इसके बावजूद 15 मई 2026 को जारी आदेश में 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीसरी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्व के राज्यों में इस नीति के लागू होने से विशेष चुनौतियां सामने आ सकती हैं। साथ ही कई स्कूलों में संस्कृत शिक्षकों और आवश्यक अध्ययन सामग्री की भी कमी है। दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री से अदालत के फैसले तक नीति के क्रियान्वयन को स्थगित करने की अपील की है। उनका कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए इस विषय पर संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय लिया जाना चाहिए।

