West Bengal: पश्चिम बंगाल में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जारी हुई अधिसूचना, मुख्यमंत्री के पास रहेंगे अहम विभाग
West Bengal: कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों का औपचारिक आवंटन कर दिया है। राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को गृह एवं पर्वतीय मामले, भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, बिजली, सूचना एवं संस्कृति तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जिन विभागों का आवंटन किसी अन्य मंत्री को नहीं किया गया है, वे विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बढ़ी मंत्रियों की संख्या
राज्य में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान 35 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। विभागों के बंटवारे के साथ अब नई टीम ने कामकाज संभालना शुरू कर दिया है।
किस कौन सा विभाग मिला?
नई अधिसूचना के तहत निशीथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास और जल संसाधन जांच एवं विकास विभाग सौंपा गया है। अशोक किरतानिया को खाद्य एवं आपूर्ति तथा सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी मिली है, जबकि दिलीप घोष पंचायत एवं ग्रामीण विकास और कृषि विपणन विभाग का कार्यभार संभालेंगे। खुदीराम टुडू को आदिवासी विकास, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग दिया गया है। वहीं अग्निमित्रा पाल को शहरी विकास एवं नगर मामलों का विभाग सौंपा गया है।
स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि तपस रॉय उद्योग मंत्री बनाए गए हैं। डॉ. शरद्वत मुखर्जी को स्वास्थ्य विभाग और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार मिला है। दूध कुमार मंडल कृषि विभाग संभालेंगे, वहीं दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। शंकर घोष को पर्यटन एवं संसदीय कार्य मंत्रालय सौंपा गया है, जबकि अर्जुन सिंह श्रम एवं परिवहन विभाग का नेतृत्व करेंगे। इंद्रनील खान को खेल एवं युवा कल्याण तथा उपभोक्ता मामले विभाग दिया गया है। मालती रावा रॉय महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाई गई हैं। कल्याण चक्रवर्ती को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण एवं बागवानी विभागों की जिम्मेदारी मिली है। मनोज कुमार उरांव वन विभाग संभालेंगे और गौरी शंकर घोष को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है। अरूप कुमार दास सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग के मंत्री होंगे, जबकि अजय पोद्दार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कार्यभार संभालेंगे। राजेश महाता को पशु संसाधन विकास एवं मत्स्य पालन विभाग दिया गया है। दिलीप घोष पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विपणन विभाग का नेतृत्व करेंगे। अग्निमित्रा पॉल को शहरी विकास एवं नगर निकाय विभाग की जिम्मेदारी मिली है। निशीथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल विकास तथा जल संसाधन जांच एवं विकास विभाग संभालेंगे। अशोक किर्तनिया खाद्य एवं सहकारिता विभाग के मंत्री होंगे, जबकि खुदीराम टुडू को जनजातीय विकास, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
Portfolio allocation in West Bengal | CM Suvendu Adhikari to take care of Home and Hill Dept, Dept of Land and Land Reforms, Refugee Relief and Rehabilitation among other departments
Nishith Parmanik to head North Bengal Development Department and Department of Water Resources… pic.twitter.com/ihVIqtAVmT
शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग विभागों का भी हुआ आवंटन
स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग, तापस रॉय को उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग, शरदवत मुखर्जी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा, आवास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
तत्काल प्रभाव से लागू हुई नई व्यवस्था
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी विभागीय आवंटन तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। नई जिम्मेदारियों के साथ मंत्री अपने-अपने विभागों के कामकाज को आगे बढ़ाएंगे और राज्य की विकास योजनाओं को गति देने पर ध्यान देंगे।

