Bihar News : रामनवमी पर बिहार में हादसों का कहर: वैशाली और छपरा में 11 बच्चों के डूबने से 5 की मौत, बढ़ सकता है आंकड़ा
Bihar News : पटना। रामनवमी के पावन अवसर पर बिहार के वैशाली और सारण (छपरा) जिलों में नदियों और पानी भरे गड्ढों में डूबने की कई दर्दनाक घटनाएं हुईं। इन हादसों में कुल 11 लड़कियां और बच्चे डूब गए, जिनमें अब तक 5 की मौत हो चुकी है। तीन की तलाश जारी है जबकि तीन को बचा लिया गया है। घटनाओं से प्रभावित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
Bihar News : वैशाली में गंगा नदी में छह लड़कियां डूबीं
वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के गनियारी गांव में गंगा नदी में रामनवमी के दिन नहाने के दौरान छह लड़कियां डूब गईं। स्थानीय लोगों ने तीन लड़कियों को बचाया, जबकि एक का शव बरामद कर लिया गया। दो लड़कियों की तलाश अभी भी जारी है। मृतक और डूबने वाली लड़कियों में सगे-चचेरे रिश्तेदार शामिल हैं। मृतकों में रिट्ठु राय की 22 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी और 18 वर्षीय सीमा कुमारी शामिल हैं। बची हुई लड़कियों में पंखुरी कुमारी (14), चांदनी कुमारी (18) और अनुष्का कुमारी (15) शामिल हैं। सभी नयागांव पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या 10 के रहने वाली थीं।
Bihar News : राघोपुर में दो चचेरी बहनों का हादसा
वैशाली के राघोपुर थाना क्षेत्र के जुड़ावनपुर में शुक्रवार सुबह गंगा नदी में स्नान करते समय दो चचेरी बहनें डूब गईं। 13 वर्षीय सत्तो कुमारी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बहन का शव अभी नहीं मिला है। Bihar News : छपरा में तीन भाई-बहनों की मौत सारण जिले के छपरा में मांझी थाना क्षेत्र के मटियार गांव में घाघरा नदी से कटकर बने पानी भरे गड्ढे (छाड़न) में तीन भाई-बहनों की डूबने से मौत हो गई। सात लोग जलावन की लकड़ी काटने नदी पार गए थे, जिनमें ये तीन बच्चे डूब गए।
Bihar News : प्रशासन और पुलिस सक्रिय, राहत की मांग
दोनों जिलों में पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम की मदद से लापता लड़कियों की तलाश जारी है। परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। प्रभावित परिवारों ने सरकार से आपदा राहत के तहत मुआवजे की मांग की है। रामनवमी के दिन हुई इन दुखद घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। स्थानीय प्रशासन ने परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, लापता बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।

