खुदाई में मिले सालों पुराने दीपकों का भोपाल में कलेक्शन, आज रोशनी बिखेरेंगे तीन हजार साल पुराने दीये...
- Rohit banchhor
- 31 Oct, 2024
शहर के वरिष्ठ पुरातत्वविद् डॉ. नारायण व्यास के मुताबिक पत्थर से बने ऐसे कई औजार खुदाई में मिल चुके हैं।
MP News : भोपाल। हजारों साल पहले जिन दीपकों से रोशनी होती थी वे राजधानी में आज भी मौजूद थे। ये पुरातत्वविदों को देश के अलग-अलग हिस्सों में खुदाई के दौरान मिले थे। दावा किया जाता है ये ताम्रपाषाण युग के हैं। दीपावली पर सांकेतिक रूप में इन्हें रोशन किया जाता है। ये राज्य पुरातत्व संग्रहालय और बिड़ला यूजियम में रखे गए हैं।
MP News : राज्य संग्रहालय से प्रभारी संग्रहालय अध्यक्ष के पद से रिटायर्ड आरके लोखंडे बताते हैं राजधानी के आसपास का हिस्सा पुरातत्व की नजर से देखे तो काफी समृद्ध है। यहां खुदाई के दौरान कई अवशेष मिले। बताया गया कि महेश्वर के पास नावदा टोली गांव में वर्ष 1954-55 में उत्खनन के दौरान लगभग बीस दीये मिले थे। ताम्रश्म काल (करीब चार हजार वर्ष पूर्व) का माना गया है।

MP News : 2000 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व का इतिहास-
नवपाषाण युग के बाद के काल को ताम्राश्म काल कहा गया। ये लगभग 2000 ईसा पूर्व से 1500 ईसा पूर्व का माना जाता है। इसे कांस्य युग का ही एक भाग माना जाता है। इसमें मनुष्य पत्थर के औजार से तांबे के औजार उपयोग करने लग गया था।
MP News : आदिमानव से राजधानी का नाता, मिल चुके अवशेष-
राजधानी में आदिमानव की मौजूदगी रही। इसके कई प्रमाण मौजूद हैं। शहर के वरिष्ठ पुरातत्वविद् डॉ. नारायण व्यास के मुताबिक पत्थर से बने ऐसे कई औजार खुदाई में मिल चुके हैं।

