CG News : अनिल टुटेजा–अनवर ढेबर को हाईकोर्ट से जमानत, शराब घोटाले के दो आरोपियों को भी राहत
- Rohit banchhor
- 13 Jan, 2026
इसी के साथ शराब घोटाले से जुड़े मामलों में आरोपी मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी कोर्ट से राहत मिली है।
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को जमानत दे दी है। इसी के साथ शराब घोटाले से जुड़े मामलों में आरोपी मुकेश मनचंदा और अतुल सिंह को भी कोर्ट से राहत मिली है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता हर्षवर्धन परघनिया ने बताया कि आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा दर्ज कस्टम मिलिंग घोटाले के प्रकरण में आज हाईकोर्ट ने टुटेजा और ढेबर की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। दोनों आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में थे।
क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला-
छत्तीसगढ़ में सामने आया कस्टम मिलिंग घोटाला करीब 140 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है। आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के लिए जमा किए जाने वाले कस्टम मिलिंग चावल की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस घोटाले में अफसरों, राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कारोबारियों की मिलीभगत से अवैध वसूली की गई। इसी सिलसिले में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को आरोपी बनाया गया था। ईओडब्ल्यू ने मामले में चार्जशीट दाखिल करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
20 रुपये प्रति क्विंटल वसूली का आरोप-
ईओडब्ल्यू की जांच में दावा किया गया है कि कस्टम मिलिंग के नाम पर राइस मिलों से 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध वसूली की जाती थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, फरवरी 2025 में रोशन चंद्राकर और मनोज सोनी के खिलाफ पहला चालान पेश किया गया था।
आरोप है कि राइस मिलरों पर भुगतान के लिए दबाव बनाने हेतु मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों के माध्यम से उनके बिल जानबूझकर लंबित रखे जाते थे। मजबूरी में मिलर अवैध राशि देने को विवश होते थे, जिससे करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम इकट्ठा की गई।

