2025 में शुरू होगी जनगणना, इस बार संप्रदाय भी हो सकता है शामिल, जातिवार के सवाल पर सस्पेंस जारी...
- Rohit banchhor
- 28 Oct, 2024
हालांकि जातिवार जनगणना पर अभी औपचारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इसे भविष्य में लागू करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
Census 2025 : नई दिल्ली। भारत में हर 10 साल में होने वाली जनगणना को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कोविड महामारी के कारण जनगणना का चक्र गड़बड़ हो गया था, जिससे यह प्रक्रिया 2021 में नहीं हो सकी। अब यह जनगणना 2025 में शुरू होगी और एक साल तक चलेगी। इसके बाद हर 10 साल के अंतराल पर जनगणना होगी और अगली बार यह 2035 में आयोजित की जाएगी।
Census 2025 : सूत्रों के अनुसार, इस बार जनगणना में धर्म और वर्ग के साथ संप्रदाय को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। पहले जनगणना में धर्म और अनुसूचित जाति-जनजाति के आंकड़े जुटाए जाते थे, लेकिन इस बार सरकार अनुसूचित जाति में विभिन्न संप्रदायों जैसे वाल्मीकि, रविदासी आदि का भी विवरण दर्ज कर सकती है। इससे धार्मिक, सामाजिक और संप्रदाय आधारित विस्तृत आंकड़े तैयार किए जा सकेंगे।
Census 2025 : डिजिटल रूप में जनगणना का पहला प्रयास-
यह पहली बार होगा जब जनगणना के आंकड़े पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से जुटाए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल तैयार किया है, जिसमें जातिवार जनगणना के आंकड़ों के लिए भी प्रावधान किए जा रहे हैं। हालांकि जातिवार जनगणना पर अभी औपचारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इसे भविष्य में लागू करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

