Breaking News
:

फिल्मी कहानी जैसी सच्ची घटना, छह साल के बच्चे का 15 साल बाद परिवार से मिलन, सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर लौटे मेघराज...

Kota News

छह साल की उम्र में ट्रेन में खोने वाला एक बच्चा अब सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर अपने परिवार से 15 साल बाद मिला है।

Kota News : कोटा। अक्सर आपने पुरानी फिल्मों में देखा होगा, जहां कोई बच्चा किसी कारणवश घर से दूर चला जाता है, सालों तक संघर्ष करता है, और अंत में वह बड़ा अफसर बनकर अपने परिवार के पास लौटता है। एक ऐसा ही मामला राजस्थान के कोटा शहर से सामने आया है, जो फिल्मी कहानी से कम नहीं है। छह साल की उम्र में ट्रेन में खोने वाला एक बच्चा अब सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर अपने परिवार से 15 साल बाद मिला है।


Kota News : बता दें कि कोटा जिले के ग्रामीण इलाके, सातल खेड़ी गांव में रहने वाले मजदूर परिवार के बच्चे मेघराज की यह कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। 15 साल पहले, जब वह महज छह साल का था, वह घर से खेलते-खेलते कोटा रेलवे स्टेशन पहुंच गया। उसके माता-पिता काम पर गए थे और वह अपने भाई के साथ कचरा जमा कर रहा था, जब पुलिसकर्मियों ने उसे डांट दिया। गुस्से में आकर वह भागते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां मेला स्पेशल ट्रेन में चढ़ गया। यह ट्रेन बिहार, यूपी, एमपी सहित अन्य राज्यों के लिए जा रही थी और मेघराज उसमें छिपकर तेलंगाना पहुंच गया।


Kota News:  अनाथ आश्रम में बिताए साल, फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने-

तेलंगाना पहुंचने पर मेघराज को भाषा की समस्या का सामना करना पड़ा। पुलिस ने उसे पकड़ लिया, लेकिन वह अपना शहर और राज्य नहीं बता सका। उसे केवल अपने कस्बे का नाम रामगंज मंडी याद था। पुलिस ने इसके बाद कई राज्यों में तलाश की, लेकिन उसके परिवार का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मेघराज को तेलंगाना के एक अनाथ आश्रम में भेजा गया, जहां उसने अपनी पढ़ाई शुरू की। वह जो बच्चा हिंदी भी ठीक से नहीं बोलता था, अब वह अंग्रेजी और तेलगू सीखकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन गया।


Kota News : गूगल से खोजा परिवार, हुआ भावुक मिलन-

मेघराज ने इस दौरान अपने परिवार की तलाश नहीं छोड़ी। अंततः उसने गूगल की मदद ली और अपनी जड़ों को खोजते हुए रामगंज मंडी तक पहुंच गया। जब मेघराज ने अपने परिवार से संपर्क किया और उन्हें अपने बारे में बताया, तो उसकी मां सुगना देवी और भाई को यकीन ही नहीं हुआ। जब उन्होंने उसे देखा, तो सबकी आंखों में आंसू थे। मेघराज ने अपने बचपन की यादें और संघर्ष की कहानी साझा की, जिसे सुनकर परिवार भावुक हो गया।


Kota News : खुशियां लौट आईं, परिवार में जश्न का माहौल-

मेघराज के परिवार में खुशी का माहौल है। उसकी मां अब मजदूरी करती हैं और पिता की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। 15 साल बाद घर लौटने पर उनका दुख अब खत्म हो चुका है और परिवार का एकजुट होना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है। पुलिस के अनुसार, मेघराज के लापता होने की फाइल अब पूरी हो गई है, और इस मामले का समाधान होने से सबका दिल खुश है।

Popular post

Live News

Latest post

You may also like

Subscribe Here

Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

Join Us