Uttarakhand: बद्रीनाथ और केदारनाथ में अब मोबाइल-कैमरा ले जाने पर बैन, रीलबाजों पर लगी पूर्ण पाबंदी
Uttarakhand: ऋषिकेश: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बद्रीनाथ धाम में सिंहद्वार और केदारनाथ में चबूतरे से आगे मोबाइल फोन व कैमरा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। रील्स और ब्लॉगिंग से उत्पन्न विवादों व यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया। चमोली जिला प्रशासन को मोबाइल जमा करने के लिए क्लॉक रूम और टोकन सिस्टम स्थापित करने को कहा गया है।
Uttarakhand: शनिवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में आयोजित बैठक में आयुक्त पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित पौड़ी, टिहरी, चमोली, हरिद्वार, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग के डीएम व एसपी मौजूद रहे। बैठक में यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा और नियंत्रण पर चर्चा हुई। आईजी स्वरूप ने धामों व रूटों पर हुड़दंग न बर्दाश्त करने की चेतावनी दी, साथ ही पुलिस को सख्त निर्देश जारी करने की बात कही। 2026 चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया से शुरू होगी, जब यमुनोत्री व गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। आधिकारिक घोषणा महाशिवरात्रि पर होगी। शासन स्तर पर तैयारियां तेज हैं।
Uttarakhand: इधर, शीतकालीन यात्रा में उत्साह है। चारधामों के शीतकालीन स्थलों पर अब तक 28 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, प्रतिदिन औसतन 500-600 पहुंच रहे हैं। केदारनाथ का ऊखीमठ में 17 हजार, बदरीनाथ के पांडुकेश्वर-जोशीमठ में 6400, यमुनोत्री के खरसाली में 1017 व गंगोत्री के मुखवा में 3300 श्रद्धालुओं ने पूजा की। सरकार बारहमासी पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, ताकि यात्री शीतकालीन स्थलों पर दर्शन कर सकें।

