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UP News : CJI सूर्यकांत वर्मा और CM योगी ने 6 जिलों में मॉडल कोर्ट परिसरों का किया शिलान्यास, UP का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर बनेगा देश के लिए मिसाल

Dev Verma
UP News : CJI सूर्यकांत वर्मा और CM योगी ने 6 जिलों में मॉडल कोर्ट परिसरों का किया शिलान्यास, UP का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर बनेगा देश के लिए मिसाल
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लखनऊ उत्तर प्रदेश में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदौली सहित प्रदेश के 6 जिलों में बनने वाले इंटीग्रेटेड (एकीकृत) कोर्ट परिसरों का शिलान्यास किया। यह शिलान्यास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन मॉडल न्यायालय परिसरों में चंदौली के अलावा औरैया, महोबा, अमेठी, शामली और हाथरस शामिल हैं।

खास बात यह रही कि जनपद चंदौली के न्यायिक इतिहास में यह दिन ऐतिहासिक बन गया, क्योंकि पहली बार सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का जनपद आगमन हुआ। शिलान्यास कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश, जिला न्यायाधीश, अधिवक्ता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश का इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि जब वे अन्य राज्यों के दौरे पर जाएंगे, तो वहां की सरकारों से भी यूपी की तर्ज पर एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण का आग्रह करेंगे।

CJI ने कहा कि एक ही परिसर में सभी न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध होने से आम जनता को न्याय पाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। साथ ही उन्होंने महिला बार की स्थापना और परिसर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित करने का सुझाव भी दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों सभी के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिलने से समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करते हुए कहा कि न्याय को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए एकीकृत न्यायालय परिसर समय की मांग है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसरों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें पहले चरण में 6 जिलों में शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए बेहतर चैंबर, आवासीय सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “देश के न्यायिक इतिहास में उत्तर प्रदेश से एक नया अध्याय स्वर्ण अक्षरों में जुड़ने जा रहा है।

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना बेहद आवश्यक है।” यूपी प्लानिंग डिपार्टमेंट के अनुसार, चंदौली में बनने वाले मॉडल कोर्ट परिसर पर करीब 286 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यहां कुल 37 कोर्ट रूम बनाए जाएंगे। परिसर में निचली अदालतें, अधिवक्ताओं के चैंबर, आवासीय सुविधाएं, पार्किंग, कैंटीन और स्पोर्ट्स क्लब जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसके अलावा अदालतों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और ऑनलाइन सुनवाई की नवीनतम तकनीकों से लैस किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।


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