Rafale Jet Aircraft : राफेल को लेकर भारत की अब तक की सबसे बड़ी डील! लाखों करोड़ का समझौता, मेक इन इंडिया के तहत देश में बनेंगे जेट विमान
Rafale Jet Aircraft : नई दिल्ली। वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा रक्षा समझौता जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस डील के तहत भारत 100 से अधिक राफेल जेट विमान खरीदेगा, जिनमें से बड़ी संख्या में विमान मेक इन इंडिया के तहत देश में ही बनाए जाएंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अगले महीने भारत दौरे पर आ सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच इस ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। बातचीत अंतिम चरण में है और फरवरी के मध्य तक डील के फाइनल होने की संभावना जताई जा रही है।
Rafale Jet Aircraft : 3.25 लाख करोड़ रुपये की मेगा डील
रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित समझौते की कुल लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। इस डील के तहत भारत को राफेल के सबसे आधुनिक वर्जन F4 और F5 लड़ाकू विमान मिलेंगे। कुल मिलाकर भारत 114 राफेल फाइटर जेट खरीदेगा, जो अब तक की सबसे बड़ी राफेल डील मानी जा रही है।
Rafale Jet Aircraft : भारत में होगा जेट विमानों का निर्माण
इस रक्षा समझौते की सबसे अहम खासियत यह है कि इसमें स्वदेशी उत्पादन पर खास जोर दिया गया है। डील के तहत 18 राफेल विमान सीधे फ्लाई-अवे कंडीशन में भारत को दिए जाएंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इन विमानों में करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होगा, जिससे भारतीय रक्षा उद्योग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सूत्रों के मुताबिक, राफेल विमानों की फाइनल असेंबली लाइन नागपुर में स्थापित की जाएगी। इसके लिए कई भारतीय कंपनियों को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा, जिससे देश में एयरोस्पेस सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
Rafale Jet Aircraft : दो चरणों में पूरी होगी डील
यह मेगा डील दो चरणों में पूरी किए जाने की संभावना है।
पहला चरण: भारत को 90 नए राफेल F4 विमान मिलेंगे। साथ ही भारतीय वायुसेना के मौजूदा 36 राफेल जेट को भी F4 स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा।
दूसरा चरण: इसके तहत 24 राफेल F5 विमान खरीदे जाएंगे, जिनका निर्माण फ्रांस में ही किया जाएगा।
Rafale Jet Aircraft : वायुसेना की ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट
भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल विमानों की क्षमताओं से संतुष्ट है। आधुनिक हथियार प्रणालियों, उन्नत रडार और मल्टी-रोल क्षमताओं से लैस ये विमान भारत की वायु शक्ति को नई ऊंचाई देने में सक्षम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील के बाद भारत की हवाई रक्षा क्षमता और अधिक मजबूत होगी। राष्ट्रपति मैक्रों का भारत दौरा 16 से 20 फरवरी के बीच संभावित है और इसी दौरान इस ऐतिहासिक राफेल डील का औपचारिक ऐलान होने की उम्मीद जताई जा रही है।

