Iran protests ali Khamenei: खामेनेई सरकार को बचाने सड़क पर उतरे बासिज के 2 करोड़ सैनिक, ईरान की सड़कों पर आरपार की लड़ाई, जानें कौन हैं बासिज लड़ाके, सेना छोड़ इन पर क्यों है भरोसा
- Pradeep Sharma
- 12 Jan, 2026
Iran protests ali Khamenei: तेहरान। ईरान की सड़कों पर मचे दंगाईयों को कंट्रोल करने के लिए अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार ने अर्द्धसैनिक समूह बासिज को मैदान में उतार दिया है।
Iran protests ali Khamenei: तेहरान। ईरान की सड़कों पर मचे दंगाईयों को कंट्रोल करने के लिए अयातुल्लाह अली खामेनेई की सरकार ने अर्द्धसैनिक समूह बासिज को मैदान में उतार दिया है। इसे ईरान का सबसे खूंखार सैन्य समूह कहा जाता है। यह एक स्वयंसेवी संस्था है, जो सरकार के खिलाफ आंतरिक बगावत को रोकने के लिए बनाया गया है। मानवाधिकार आयोग के मुताबिक इस समूह ने ईरान में अब तक 500 दंगाईयों को मौत के घाट उतार दिए हैं।
Iran protests ali Khamenei: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अली खामेनेई ने देश के नाम एक संबोधन पढ़ा। खामेनेई ने विरोध प्रदर्शन को अमेरिका का एजेंडा बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ईरान किसी के भी सामने नहीं झुकने वाला है। इसके बाद ईरान संसद की सिफारिश पर बासिज समूह को सड़कों पर उतारा गया।
Iran protests ali Khamenei: क्या है बासिज
बासिज एक फारसी शब्द है, जिसका मतलब होता है- लामबंदी. 1979 में इस्लामिक क्रांति के बाद इसका गठन किया गया था। उस वक्त इस्लामिक क्रांति के नेता अली खुमैनी का मानना था कि यह संगठन हमेशा ईरान को अमेरिका से सुरक्षित रखेगा। बासिज में ग्रामीण इस्लामिक रूढीवादी पृष्ठभूमि के लोगों को ही शामिल किया जाता है। स्थानीय स्तर पर यह संगठन मस्जिद के जरिए लोगों को नियंत्रित करता है।
Iran protests ali Khamenei: बड़े पैमाने पर इस संगठन को ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड नियंत्रित करता है। इस संगठन में करीब 2 करोड़ सैनिक हैं, जिनकी उम्र 18 से 50 साल के बीच है. 2009 और 2022 के दौरान इसी बासिज नामक संगठन ने ईरान में विद्रोह को दबाया था। अब एक बार फिर से ईरान में विद्रोह दबाने का जिम्मा बासिज को मिला है।
Iran protests ali Khamenei: बता दें कि, ईरान में 27 दिसंबर 2025 से ही महंगाई को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. यह विरोध प्रदर्शन सरकार के खिलाफ हो रहे हैं। वहीं ईरान में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान में अत्याचार जारी रहता है तो हम सैनिक भेज सकते हैं।

