RBI की सर्जिकल स्ट्राइक: 135 NBFC कंपनियों के लाइसेंस रद्द, पश्चिम बंगाल से महाराष्ट्र तक कार्रवाई
RBI: नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर की 135 कंपनियों के पंजीकरण प्रमाण पत्र (Certificate of Registration-COR) तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। केंद्रीय बैंक का यह कदम वित्तीय क्षेत्र में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आरबीआई ने 10 जून 2026 को जारी अधिसूचना में बताया कि यह कार्रवाई भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत की गई है। जिन कंपनियों ने नियामकीय मानकों का पालन नहीं किया या आवश्यक शर्तों को पूरा करने में विफल रहीं, उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए गए।
इस कार्रवाई का सबसे अधिक असर पश्चिम बंगाल पर पड़ा है। रद्द किए गए लाइसेंसों में बड़ी संख्या कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कंपनियों की है। इनमें अक्षय फिस्कल सर्विसेज लिमिटेड, अल्फा टाई-अप प्राइवेट लिमिटेड, अरिहंत एंटरप्राइजेज लिमिटेड और डेस्टिनी इंटरनेशनल लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, मध्य प्रदेश और मणिपुर की कई कंपनियां भी आरबीआई की कार्रवाई की जद में आई हैं। लाइसेंस रद्द होने के बाद ये संस्थाएं अब किसी भी प्रकार का एनबीएफसी कारोबार नहीं कर सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की यह सख्ती निवेशकों के हितों की सुरक्षा के साथ-साथ वित्तीय प्रणाली को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने में मदद करेगी।

