DRDO ने किया तीसरी पीढ़ी की स्वदेशी फायर एंड फॉरगेट एमपीएटीजीएम मिसाइल का सफल टेस्ट, पलक झपकते ही दुश्मन का मूविंग टारगेट तबाह, देखें वीडियो
DRDO successfully test MPATGM missile: नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी की फायर एंड फॉरगेट श्रेणी की मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM ) का सफल उड़ान परीक्षण किया। यह मिसाइल चलती हुई बख्तरबंद लक्ष्यों पर टॉप अटैक क्षमता के साथ सटीक प्रहार करने में सक्षम है।
DRDO successfully test MPATGM missile: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित केके रेंज में किए गए इस परीक्षण का वीडियो भी जारी किया गया है। वीडियो में रेगिस्तानी परीक्षण क्षेत्र में हथियार परीक्षण के दौरान मिसाइल के सफल प्रक्षेपण को दिखाया गया है।
DRDO successfully test MPATGM missile: एमपीएटीजीएम एक कंधे से दागी जाने वाली, पोर्टेबल मिसाइल प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। मिसाइल का वजन लगभग 14.5 किलोग्राम है, जबकि कमांड लॉन्च यूनिट (सीएलयू) का वजन करीब 14.25 किलोग्राम है। यह हल्की, बेलनाकार मिसाइल दो सेट में चार-चार रेडियल फिन से सुसज्जित है।
Third Generation Fire & Forget Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) with top attack capability was flight tested successfully against moving target pic.twitter.com/jxtyBlvos9
DRDO successfully test MPATGM missile: इसमें उच्च-विस्फोटक एंटी-टैंक (HEAT) टैंडम वारहेड लगाया गया है। 200 से 4,000 मीटर तक की प्रभावी मारक क्षमता के साथ यह मिसाइल युद्धक्षेत्र में एक अत्यंत प्रभावशाली हथियार साबित होती है। स्वदेशी रूप से विकसित एमपीएटीजीएम में अत्याधुनिक भारतीय तकनीकों का उपयोग किया गया है।
DRDO successfully test MPATGM missile: एमपीएटीजीएम में इमेजिंग इंफ्रारेड (IIR) होमिंग सीकर, ऑल-इलेक्ट्रिक कंट्रोल एक्ट्यूएशन सिस्टम, फायर कंट्रोल सिस्टम, टैंडम वारहेड, उन्नत प्रोपल्शन सिस्टम और उच्च प्रदर्शन वाली साइटिंग प्रणाली शामिल हैं। इन सभी प्रणालियों का विकास डीआरडीओ की विभिन्न सहयोगी प्रयोगशालाओं द्वारा किया गया है।

