संजय गर्ग निकला फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का बिचौलिया, मुंबई का ये नकली असली खिलाड़ी...
UP News : गोरखपुर। गोरखपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए संजय गर्ग को फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा था, लेकिन अब यह सामने आया है कि वह केवल बिचौलिया है। इस मामले में असली मास्टरमाइंड मुंबई में बैठा सुमित है, जो जयपुर का रहने वाला है और मुंबई में अपनी एक फर्म चलाता है।
UP News : बता दें कि जयपुर के शांतिनगर निवासी संजय गर्ग को गोरखपुर की कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संजय गर्ग पर आरोप है कि वह फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का ऑर्डर लेता और उसे मुंबई में सुमित के पास भेज देता था। वहां से तैयार नंबर प्लेटें संजय के जरिए पूरे देश में सप्लाई की जाती थी। इस मामले में पुलिस ने संजय को गिरफ्तार कर गोरखपुर लाने के बाद पूछताछ की, जिसमें सुमित का नाम सामने आया। पुलिस अब सुमित की तलाश में जुट गई है, जिससे इस गिरोह का पूरा भंडाफोड़ होने की उम्मीद है।
UP News : देशभर से आते थे संजय गर्ग के पास फर्जी नंबर प्लेट के ऑर्डर-
संजय के मोबाइल की जांच के दौरान पुलिस को यह पता चला कि उसे व्हाट्सएप पर हरियाणा, मुंबई, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, नागालैंड और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से फर्जी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के ऑर्डर मिलते थे। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि पांच घंटे में ही संजय के पास 10 राज्यों से 50 से अधिक गाड़ियों के नंबर प्लेट बनाने के ऑर्डर आए। संजय प्रत्येक नंबर प्लेट के लिए एक हजार रुपये लेता था और उन्हें कूरियर के माध्यम से भेजता था। पुलिस ने उसका मोबाइल कब्जे में लेकर छानबीन जारी रखी है।
UP News : ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज-
इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब लखनऊ की रोसमेर्टा सेफ्टी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, जो उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का ठेका रखती है, को गोरखपुर में फर्जी नंबर प्लेट के शिकायतें मिलने लगीं। कंपनी के रीजनल हेड मो. सारिक ने 31 जुलाई को गोरखपुर के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस ने अलीनगर में छापेमारी कर एहसान अली नामक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में एहसान ने बताया कि वह जयपुर निवासी व्यक्ति से नंबर प्लेट बनवाता था। इसके बाद से ही पुलिस ने संजय गर्ग की तलाश शुरू की थी।
UP News : मुंबई के सुमित की तलाश जारी-
पुलिस का मानना है कि इस फर्जीवाड़े का असली मास्टरमाइंड सुमित है, जिसने मुंबई में अपनी एक फर्म बना रखी है और वहीं से नंबर प्लेट बनाकर पूरे देश में सप्लाई करवा रहा है। पुलिस की टीम अब सुमित की तलाश में है, और उसके पकड़े जाने से इस गिरोह के और भी राज सामने आ सकते हैं।

