UP में शिक्षकों के तबादलों पर ब्रेक, कोर्ट के निर्देश पर डीएम को भेजा पत्र
UP लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। शासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश के अनुपालन में सभी जिलाधिकारियों से सरप्लस शिक्षकों की सत्यापित सूची 26 जून तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सूची तैयार होने तक तबादलों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सरप्लस शिक्षकों की पहचान निर्धारित मानकों के आधार पर की जाए। जिलाधिकारी 20 जून तक सूची का सत्यापन करेंगे और इस दौरान प्राप्त आपत्तियों का भी निस्तारण किया जाएगा।
वरिष्ठ शिक्षक माने जाएंगे सरप्लस
नई व्यवस्था के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम दो और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम तीन शिक्षकों की तैनाती अनिवार्य होगी। छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अधिक पाई जाएगी, वहां सबसे वरिष्ठ शिक्षक को सरप्लस माना जाएगा और उनका समायोजन दूसरे विद्यालय में किया जाएगा।
30 अप्रैल के आंकड़ों के आधार पर होगी प्रक्रिया
सरप्लस शिक्षकों की पहचान 30 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि "फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट" सिद्धांत के तहत सूची तैयार होगी। सरकार का उद्देश्य पहले सरप्लस शिक्षकों का समायोजन करना है, उसके बाद ही सामान्य तबादला प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

