पाकिस्तान से आये हिंदू शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता, दुर्ग कलेक्टर ने दिया सर्टिफिकेट
दुर्ग। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत दुर्ग जिले में तीन पाकिस्तानी नागरिकों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। दुर्ग की कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने रामी बाई, बेबी हर्षिता, और मयंक कुमार को यह प्रमाण पत्र देकर उन्हें भारतीय नागरिक घोषित किया।
प्रभावित परिवार की कहानी
यह परिवार 2007 में पाकिस्तान से भारत आया था और तब से दुर्ग के वार्ड 26 सिंधी कॉलोनी में रह रहा है। रामी बाई पति स्वर्गीय मुकेश कुमार, उनकी बेटी बेबी हर्षिता और बेटा मयंक कुमार को यह प्रमाण पत्र मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने भारत और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
सीएए ने बनाया प्रक्रिया को सरल
सीएए के तहत 2014 या इससे पहले भारत में आए पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान की जा रही है। इस कानून के लागू होने से प्रक्रिया सरल हो गई है, जिसमें पहले 12 साल तक का लंबा इंतजार और जटिल औपचारिकताएं शामिल थीं। अब ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से यह काम आसान हो गया है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को धन्यवाद
भारतीय नागरिकता पाने वाले इन लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया। उनका कहना है कि भारतीय नागरिकता मिलना उनके जीवन का महत्वपूर्ण पल है।
दुर्ग जिले में सैकड़ों पाक विस्थापित हिंदू रह रहे हैं, जो इस प्रक्रिया के तहत नागरिकता पाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। यह कदम उन परिवारों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है।

