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CG News : सूचना आयोग को हल्के में लेना DFO को पड़ा भारी, अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन ने जारी किया नोटिस

जिसमें कर्तव्यों में लापरवाही और अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

CG News : सूचना आयोग को हल्के में लेना DFO को पड़ा भारी, अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन ने जारी किया नोटिस
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CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम को गंभीरता से न लेना खैरागढ़ वनमंडल के वनमंडल अधिकारी (DFO) पंकज राजपूत को भारी पड़ गया। सूचना आयोग के आदेशों का पालन न करने के कारण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने उनके खिलाफ अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए 11 जुलाई 2025 को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। नोटिस में पंकज राजपूत से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जिसमें कर्तव्यों में लापरवाही और अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

जनवरी 2020 में रायपुर के निवासी नितिन सिंघवी ने महासमुंद वनमंडल से हाथी जनित जनहानि और धनहानि से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। तत्कालीन DFO और जन सूचना अधिकारी मयंक पांडे ने जवाब दिया कि दस्तावेज 94,928 पेज के हैं और आवेदक को कार्यालय में आकर उनका अवलोकन करना होगा। मामला सूचना आयोग पहुंचा (प्रकरण क्र.ए/3066/2020)। 15 फरवरी 2021 को सुनवाई के दौरान आयोग ने आदेश दिया कि आवेदक को दस्तावेजों के अवलोकन के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता और मांगी गई जानकारी निशुल्क प्रदान की जाए। साथ ही, निशुल्क सूचना की लागत दोषी अधिकारी से वसूल कर शासकीय कोष में जमा करने का निर्देश दिया गया।

पंकज राजपूत पर क्यों हुई कार्रवाई?

मयंक पांडे के तबादले के बाद पंकज राजपूत महासमुंद वनमंडल के DFO बने। 28 अगस्त 2021 को उन्होंने सूचना आयोग को बताया कि आयोग के आदेश के खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट में अपील की अनुशंसा की गई है और प्रक्रिया जारी है। आयोग ने उनसे हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन 17 सितंबर 2021 और 18 अप्रैल 2022 की सुनवाइयों में राजपूत स्थगन आदेश पेश नहीं कर सके। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का आरोप लगाया और 3 अगस्त 2022 को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।

2025 में क्यों उठा मामला?

सूचना आयोग के 2022 के आदेश पर कार्रवाई न होने की जानकारी 2025 में सामने आने पर अवर सचिव, सूचना आयोग ने शासन से आदेश के पालन की स्थिति मांगी। इसके बाद वन विभाग ने 11 जुलाई 2025 को पंकज राजपूत, जो अब खैरागढ़ वनमंडल में पदस्थ हैं, को शो-कॉज नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि राजपूत ने अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती, जो आचरण नियमों का उल्लंघन है। उनसे 15 दिनों में जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।


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