CG News : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर
- Rohit banchhor
- 02 Jun, 2026
यह कोई सामान्य दुकान नहीं थी, बल्कि हिंसा से विकास की राह पर लौटे एक दंपत्ति के नए जीवन की पहचान बन चुकी थी।
CG News : बीजापुर। सुशासन तिहार के दौरान बीजापुर के सुदूर वनांचल में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने बदलते बस्तर की तस्वीर को जीवंत कर दिया। चौपाल कार्यक्रम के लिए जा रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला ग्राम कोण्डापल्ली में एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने अचानक रुक गया। यह कोई सामान्य दुकान नहीं थी, बल्कि हिंसा से विकास की राह पर लौटे एक दंपत्ति के नए जीवन की पहचान बन चुकी थी।
यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती संचालित कर रहे हैं, जिन्होंने कभी नक्सली संगठन का रास्ता चुना था, लेकिन अब मेहनत और आत्मनिर्भरता के बल पर नई जिंदगी की शुरुआत कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीय बातचीत की और उनके संघर्ष व बदलाव की कहानी सुनी। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदकर दंपत्ति का उत्साह बढ़ाया और कहा कि आत्मनिर्भरता ही सम्मानजनक जीवन की सबसे बड़ी ताकत है।
बंदूक छोड़कर चुनी रोजगार की राह-
मासा तामो और जयमोती दोनों का बचपन अभावों और कठिन परिस्थितियों में बीता। जीवन की परिस्थितियों ने उन्हें नक्सली संगठन तक पहुंचा दिया, जहां दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में विवाह हुआ। लेकिन समय के साथ उन्होंने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता भविष्य नहीं बदल सकता। आखिरकार अक्टूबर 2025 में दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

पुनर्वास से बदली जिंदगी-
आत्मसमर्पण के बाद दोनों को बीजापुर पुनर्वास केंद्र में रखा गया, जहां उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे कोण्डापल्ली में किराना दुकान शुरू की गई।
अब हथियार नहीं, मेहनत है पहचान-
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दंपत्ति ने बताया कि दुकान से होने वाली आय से उनका परिवार सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक ऐसा जीवन केवल सपना लगता था, लेकिन पुनर्वास नीति और प्रशासनिक सहयोग ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
बदलते बस्तर का संदेश-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल एक परिवार की सफलता नहीं, बल्कि पूरे बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। यह दिखाता है कि विश्वास, अवसर और सहयोग मिलने पर भटके हुए लोग भी मुख्यधारा में लौटकर समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।

