Tension in West Asia: दुश्मन नहीं, सिर्फ दोस्तों के लिए खुलेगा होर्मुज; अमेरिका की वार्निंग के बाद भी नहीं बदले ईरान के सुर
Tension in West Asia: नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सियासी और सैन्य हलचल तेज हो गई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद नहीं करेगा, लेकिन दुश्मन देशों के लिए इसकी पहुंच सीमित कर सकता है।
ईरान का स्पष्ट रुख
ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा कि विदेशी जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरान के साथ समन्वय करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह रास्ता केवल उन्हीं देशों के लिए खुला रहेगा, जो ईरान के विरोधी नहीं हैं। ईरान का आरोप है कि मौजूदा तनाव की वजह अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई है।
रणनीति में दोहरा संकेत
ईरान ने अपनी रणनीति में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। एक ओर वह वैश्विक व्यापार को प्रभावित नहीं करना चाहता, वहीं दूसरी ओर उसने दुश्मन देशों के जहाजों को रोकने का अधिकार अपने पास रखा है। इससे साफ है कि ईरान इस मार्ग को एक रणनीतिक हथियार के रूप में देख रहा है।
ट्रंप की चेतावनी बेअसर
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि होर्मुज पूरी तरह नहीं खोला गया तो सैन्य कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इस चेतावनी का ईरान की नीति पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

