Republic Day parade 2026: गणतंत्र दिवस पर दिखेगा अद्भुत नजारा, पहली बार परेड में शामिल होंगे सेना के साइलेंट वॉरियर्स, पहाड़ों के राजा, आसमान के शिकारी और देशी डग्स
- Rohit banchhor
- 25 Jan, 2026
ये पहली बार होगा जब ये दस्ते इतने बड़े और संगठित रूप में परेड में शामिल होंगे।
Republic Day parade 2026: नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड 2026 इस बार बेहद रोमांचक होने वाला है। इस बार कर्तव्य पथ पर पहली बार सेना के साइलेंट वॉरियर्स दिखेंगे। दरअसल 26 जनवरी के मौके पर भारतीय सेना के पशु दस्ते भी परेड का हिस्सा बनेंगे, ये पहली बार होगा जब ये दस्ते इतने बड़े और संगठित रूप में परेड में शामिल होंगे।
क्या होगा खास-
भारतीय सेना के इस विशेष दस्ते में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार ज़ांस्कर पोनी, चार शिकारी पक्षी (चील), भारतीय नस्ल के 10 सेना के कुत्ते और सेना में पहले से काम कर रहे 6 पारंपरिक सैन्य कुत्ते शामिल होंगे। भारतीय सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर (RVC) ने बाज और चीलों को खास ट्रेनिंग दी है और उनके सिर पर कैमरे भी लगाए गए हैं, ताकि वो दुश्मन के छोटे ड्रोनों को हवा में पकड़ सके और उन्हें गिरा भी सके।

दस्ते में भारतीय नस्ल के कुत्तों को किया गया शामिल-
सेना अब तक इस दस्ते में विदेशी नस्लों के कुत्तों को ट्रेंनिंग देने के बाद उनका ही इस्तेमाल करती रही है। लेकिन, इसमें भारतीय नस्ल के कुत्तों को शामिल कर लिया गया है। इसमें दो तरह के कुत्ते हैं- पहले वो जो डिटेक्शन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं यानी वो विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की पहचान करते हैं। वहीं दूसरे प्रोटेक्शन के लिए हैं जो आतंकवादियों या दुश्मन पर हमला करने के काम आते हैं।

भारतीय नस्ल के कुत्तों में मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पी पराई, कोम्बई और राजापलायम नस्लें पाई जाती हैं। इन कुत्तों को आरवीसी यानी रिमाउंट एंड वेटनरी कार्प में तैयार किया गया है और आर्मी डॉग ट्रेनिंग स्कूल में इन्हें ट्रेन किया गया है। आर्मी डॉग्स पूरे सेप्शल फोर्सेस के साथ पूर् प्रोटेक्टिव गेयर्स, कैमरे, ट्रैकिंग डिवाइस और कम्यूनिकेशन डिवाइस के साथ लैस होकर वार जोन में जाते हैं।

परेड में हिस्सा लेंगे सेना के 6050 जवान-
गणतंत्र दिवस पर स्कॉट्स बटालियन सब-जीरो यूनिफॉर्म पहनकर मार्च करेगा। परेड की अगुवाई एक बार फिर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार करेंगे। इस परेड में सेना के 6050 जवान हिस्सा ले रहे हैं। जबकि, भैरव, शक्तिबान, यूजीवी और लद्दाख स्काउट्स पहली बार परेड में शामिल हो रहे हैं।

