Republic Day 2026 : कर्तव्य पथ पर दिखा छत्तीसगढ़ के जनजातीय शौर्य का इतिहास, देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
Republic Day 2026 : नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय वीर नायकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और देशभक्ति की कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई। खास बात यह रही कि झांकी के माध्यम से देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया।
Republic Day 2026 : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रीगण और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को पूरे ध्यान से देखा और तालियों के साथ इसकी सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद हजारों लोगों ने भी छत्तीसगढ़ की इस प्रस्तुति का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। झांकी के सामने छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने वातावरण को और अधिक जीवंत और भावनात्मक बना दिया।
Republic Day 2026 : झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से सहेजा गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।
Republic Day 2026 : झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के महान नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस साहसी योद्धा ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के खिलाफ जनजातीय समाज को एकजुट कर विद्रोह की अलख जगाई थी। आम की टहनियों और सूखी मिर्च जैसे प्रतीकों के जरिए उस विद्रोह की तीव्रता और रणनीति को दर्शाया गया, जिसने अंग्रेजी हुकूमत को नागपुर से सेना बुलाने पर मजबूर कर दिया, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ नहीं सके।
Republic Day 2026 : झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दिखाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।
Republic Day 2026 : पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती रही। गणतंत्र दिवस परेड के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को मजबूती से स्थापित किया।

