UP News : वन्यजीव तस्करी का बड़ा खुलासा: होटल में सौदा करते पकड़े गए तस्कर, 10 तेंदुओं की खाल बरामद

Update: 2026-07-24 11:33 GMT

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। वन विभाग, वाइल्ड लाइफ टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में होटल में तेंदुओं की खाल का सौदा कर रहे कई तस्करों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 10 तेंदुओं की खाल बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से संरक्षित वन्यजीवों की खाल की अवैध तस्करी में सक्रिय था।

होटल में हो रही थी तेंदुओं की खाल की डील

पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना सैंया क्षेत्र के तेहरा स्थित एक होटल में वन्यजीवों की खाल की खरीद-फरोख्त होने वाली है। सूचना के आधार पर वन विभाग, वाइल्ड लाइफ टीम और पुलिस ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया और होटल पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान संदिग्धों को मौके से हिरासत में लिया गया और उनकी कार की तलाशी ली गई।

कार से बरामद हुईं 10 तेंदुओं की खाल

तलाशी के दौरान आरोपियों की वैगनआर कार से प्लास्टिक पैकेटों में छिपाकर रखी गई 10 तेंदुओं की खाल बरामद हुई। अधिकारियों के अनुसार बरामद सभी खालें संरक्षित वन्यजीव तेंदुए की हैं। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत यह गंभीर अपराध माना जाता है और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

मध्य प्रदेश से लाकर आगरा में करते थे सौदा

जांच में पता चला है कि आरोपी मध्य प्रदेश के शिवपुरी और मुरैना क्षेत्र से तेंदुओं की खाल लाकर आगरा में ग्राहकों से सौदा करते थे। होटल में कमरा लेकर गुप्त तरीके से खरीद-बिक्री की जाती थी, जिससे किसी को संदेह न हो। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित खरीदारों की तलाश में जुटी है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू

वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि बरामद खालें किन क्षेत्रों से लाई गईं, इन्हें किसे बेचा जाना था और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए हैं। साथ ही आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और वन्यजीव तस्करी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी एजेंसियां

अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग ने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी सफलता बताया है।

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