UP Monsoon Session 2026: यूपी विधानसभा का मानसून सत्र एक दिन पहले ही समाप्त, सपा के हंगामे के बीच सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र तय समय से एक दिन पहले ही बुधवार को समाप्त हो गया। सदन की कार्यवाही छह अगस्त तक प्रस्तावित थी, लेकिन समाजवादी पार्टी के लगातार विरोध और हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। मंगलवार से शुरू हुआ विवाद बुधवार को भी जारी रहा और सदन के भीतर कई बार स्थिति तनावपूर्ण नजर आई।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सपा का विरोध
सपा विधायक राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे। मंगलवार को भी पार्टी विधायकों ने इस मामले को लेकर जोरदार नारेबाजी की थी। इसी दौरान सपा विधायक सचिन यादव द्वारा पोस्टर दिखाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई थी। निर्देश नहीं मानने पर उन्हें पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। विधायक को सदन से बाहर ले जाने के दौरान मार्शलों और विधायकों के बीच धक्कामुक्की भी हुई थी।
बुधवार को भी जारी रहा हंगामा
बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सपा विधायकों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक अलग-अलग पोस्टर लेकर सदन पहुंचे और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के साथ निलंबित विधायक के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। हंगामा बढ़ने के बाद सदन की कार्यवाही को बीच-बीच में स्थगित करना पड़ा। आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
भावुक हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
लगातार हंगामे से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भी भावुक नजर आए। उन्होंने सदन में कहा कि पिछले दिन की घटनाओं से वह काफी आहत हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल और विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बने रहने को लेकर भी गंभीरता से विचार करने की बात कही। महाना ने सदस्यों द्वारा सदन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने पर भी नाराजगी जताई।
सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना
सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने विधानसभा में किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा नहीं होने दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह रवैया प्रदेश के किसानों, महिलाओं और युवाओं के हितों के खिलाफ है।
59 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार करीब 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर आई थी, जिसमें विभिन्न वर्गों के लिए योजनाओं और विकास कार्यों के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया। उन्होंने कहा कि हंगामे के बावजूद अनुपूरक बजट सदन से पारित करा लिया गया है।
कर्मचारियों और पेंशन योजनाओं पर भी होना था फैसला
सीएम योगी ने कहा कि अनुपूरक बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों और ग्राम चौकीदारों के मानदेय समेत महिला, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन से जुड़े प्रावधान शामिल थे। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए विभिन्न वर्गों को राहत देने की तैयारी थी, लेकिन सदन में पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी।
हंगामे के बीच सत्र का समापन
दो दिनों तक चले लगातार विरोध और सदन में बने तनावपूर्ण माहौल के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र को निर्धारित समय से पहले समाप्त कर दिया। अब सत्र के दौरान हुए हंगामे, निलंबन और सदन की कार्यवाही को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।