UP News : युवाओं को नीति-निर्माण से जोड़ने की तैयारी, ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति’ बनाने का प्रस्ताव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं की भागीदारी को शासन और नीति-निर्माण से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल का प्रस्ताव सामने आया है। लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति’ गठित करने का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव का मकसद युवाओं के विचार, सुझाव और नवाचार को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए एक प्रभावी मंच तैयार करना है।
31 सदस्यीय समिति बनाने का सुझाव
प्रस्ताव के मुताबिक मुख्यमंत्री युवा सलाहकार समिति में कुल 31 सदस्य हो सकते हैं। इनमें 18 से 35 वर्ष की उम्र के करीब 20 प्रतिभाशाली युवाओं को शामिल करने की सिफारिश की गई है। समिति में UPSC, IIT और IIM जैसे संस्थानों के मेधावी युवाओं के अलावा युवा वैज्ञानिक, उद्यमी, खिलाड़ी और किसान प्रतिनिधियों को जगह देने का सुझाव है।
हर तीन महीने में बैठक और सालाना ‘युवा संवाद’
डॉ. राजेश्वर सिंह के नीति-पत्र में समिति की नियमित बैठक कराने का सुझाव दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार हर तीन महीने में समिति की बैठक हो, जबकि साल में एक बार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘युवा संवाद’ आयोजित किया जाए। इसके साथ ही युवाओं के सुझाव और विचार सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए ‘युवा सेतु यूपी’ नाम से डिजिटल पोर्टल बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
युवाओं और सरकार के बीच संवाद मजबूत करने की कोशिश
प्रस्तावित समिति का मुख्य उद्देश्य युवाओं और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच लगातार संवाद स्थापित करना है। इसके जरिए युवाओं की समस्याओं, नए विचारों, तकनीकी नवाचार और रोजगार से जुड़े सुझावों को शासन के स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इससे युवा नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सीधे अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
कौन हैं डॉ. राजेश्वर सिंह?
डॉ. राजेश्वर सिंह लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से बीजेपी विधायक हैं। राजनीति में आने से पहले वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने वर्ष 2022 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर बीजेपी की राजनीति में प्रवेश किया और इसके बाद विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने।
‘यूथ अड्डा’ के जरिए युवाओं पर फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए ‘यूथ अड्डा’ जैसी पहल पर भी जोर दे रही है। इसका उद्देश्य युवाओं के साथ औपचारिक बैठकों के बजाय सहज और खुले संवाद के जरिए उनके विचारों को समझना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, पूरा इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर
‘यूथ अड्डा’ मॉडल को केवल प्रशिक्षण या आर्थिक सहायता तक सीमित रखने के बजाय एक व्यापक उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है। इसमें युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, कौशल विकास, तकनीकी सहायता, अनुभवी मेंटर्स से जुड़ने, बैंकिंग प्रक्रिया समझने और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद देने पर जोर है।
Gen Z की ऊर्जा को विकास से जोड़ने की कोशिश
देश में युवाओं से जुड़े मुद्दों और Gen Z की बढ़ती सक्रियता के बीच उत्तर प्रदेश में भी इस वर्ग पर फोकस बढ़ा है। प्रस्तावित युवा सलाहकार समिति इसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के युवा अपने सुझावों और अनुभवों के जरिए सरकारी योजनाओं और नीतियों को बेहतर बनाने में सीधे योगदान दे सकेंगे।