Champat Rai : राम मंदिर ट्रस्ट से अलग होने के बाद चंपत राय का बड़ा संकल्प, देवशयनी एकादशी से चार माह का मौन व्रत शुरू
लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद चंपत राय ने आध्यात्मिक साधना का मार्ग अपनाने का निर्णय लिया है। देवशयनी एकादशी से उन्होंने चार महीने तक विशेष साधना और नियमित मौन व्रत शुरू किया है। इस अवधि में वे प्रतिदिन सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगभग छह घंटे मौन रहेंगे। बताया जा रहा है कि यह संकल्प आत्मचिंतन, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन के उद्देश्य से लिया गया है।
निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसलिए अस्थायी व्यवस्था लागू
राम मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण और रखरखाव के कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने अंतरिम व्यवस्था लागू की है। इसके तहत चंपत राय के हस्ताक्षर वाले कुछ पहचान पत्र और प्रवेश पास अस्थायी रूप से फिर से मान्य किए गए हैं। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य निर्माणाधीन परियोजनाओं और प्रशासनिक समन्वय में किसी प्रकार की बाधा न आने देना है।
चढ़ावा विवाद के बाद बदली प्रशासनिक व्यवस्था
राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कई प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। इसी क्रम में कई व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और सुरक्षा व निगरानी से जुड़े प्रोटोकॉल को भी सख्त किया गया है। ट्रस्ट का कहना है कि मंदिर से जुड़े सभी कार्य पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत संचालित किए जा रहे हैं।
जांच के लिए नई एसआईटी कर रही है काम
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में टीम कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा कर रही हैं, जबकि मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ जारी है।
आध्यात्मिक जीवन पर रहेगा फोकस
चार महीने की इस साधना अवधि में चंपत राय सार्वजनिक गतिविधियों को सीमित रखते हुए धार्मिक अनुशासन और आध्यात्मिक चिंतन पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उनका यह निर्णय राम मंदिर ट्रस्ट से अलग होने के बाद सामने आया है और इसे उनके व्यक्तिगत आध्यात्मिक संकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच मंदिर निर्माण और अन्य विकास कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेंगे।