UP News : बकरीद पर शिफ्ट में नमाज का आदेश, सीएम योगी के फरमान पर AIMPLB और शिया बोर्ड की प्रतिक्रिया

By :  Dev Verma
Update: 2026-05-22 06:09 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बकरीद (ईद-उल-अजहा) की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि नमाज मस्जिदों और ईदगाहों के अंदर ही अदा की जानी चाहिए। किसी को भी सड़कों या खुली जगहों पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर भीड़ ज्यादा हो तो शिफ्ट में नमाज पढ़ने की व्यवस्था की जा सकती है।

AIMPLB का बयान: मस्जिदों में ही होगी नमाज

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) से जुड़े मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि बकरीद की नमाज हमेशा की तरह मस्जिदों और ईदगाहों में ही पढ़ी जाएगी। जरूरत पड़ने पर अलग-अलग इमामों की अगुवाई में कई शिफ्टों में नमाज का इंतजाम किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुसलमान सालों से अनुशासन बनाए रखते हुए मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा करते आए हैं।

शिया बोर्ड का रुख: सामूहिक शिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं

इसके विपरीत ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि शिया परंपरा में सामूहिक शिफ्ट का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि शिया मस्जिदों में ईद की नमाज की तैयारियां चल रही हैं और शिया पंथ के अनुसार एक साथ कई शिफ्टों में नमाज नहीं पढ़ी जाती।

सभी समुदायों पर एक समान कानून की मांग

मौलाना महली ने उम्मीद जताई कि सरकार सभी समुदायों पर एक समान नियम लागू करेगी। किसी भी समुदाय को सड़कों पर जुलूस या जमावड़े की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। मौलाना अब्बास ने भी कहा कि यह इबादत का मामला है और किसी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। यातायात बाधित करने वाली किसी भी धार्मिक गतिविधि पर रोक लगनी चाहिए।

सामाजिक संतुलन और कानून व्यवस्था

सीएम योगी के इस बयान के बाद मुस्लिम संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दोनों बोर्डों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करने की अपील की है। बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी और इस दौरान यूपी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है।

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