UP: यूपी के 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं को झटका, बिना बताए बढ़ा दिया गया लोड, सब्सिडी और बिल दोनों पर असर
UP: नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में पावर कॉर्पोरेशन ने करीब 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत बिजली लोड बिना कोई सूचना दिए बढ़ा दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों पर पड़ा है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है कि इससे लगभग 25 फीसदी गरीब उपभोक्ता बिजली सब्सिडी योजना से बाहर हो गए हैं। परिषद ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गरीब उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा खर्च
जानकारी के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया गया है, उनमें करीब आधे स्मार्ट मीटर उपयोगकर्ता हैं। लोड बढ़ने के कारण ग्रामीण गरीब उपभोक्ताओं को हर महीने औसतन 165 रुपये और शहरी गरीब उपभोक्ताओं को करीब 435 रुपये अतिरिक्त बिजली बिल देना पड़ सकता है। प्रदेश में करीब 1.70 लाख बीपीएल उपभोक्ता हैं, जिन पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
उपभोक्ता परिषद ने उठाए सवाल
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिना सूचना लोड बढ़ाना बिजली नियामक आयोग के नियमों के खिलाफ है। नियमों के अनुसार, अगर कोई उपभोक्ता लगातार तीन महीने तक तय सीमा से अधिक बिजली उपयोग करता है, तो पहले उसे सूचना देना जरूरी है। इसके बाद ही लोड बढ़ाया जा सकता है।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर दोहरी मार
परिषद का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से पहले ही अतिरिक्त मांग का जुर्माना लिया जा रहा है। अब उनका स्वीकृत लोड भी बढ़ा दिया गया है। इससे उन्हें ज्यादा फिक्स्ड चार्ज और अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ेगा। परिषद ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर गरीब उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।