पटना। बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सूचीबद्ध शैक्षणिक संस्थानों को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। शिक्षा विभाग ने योजना से जुड़े निजी शिक्षण संस्थानों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थलीय जांच कराने का फैसला किया है। यह प्रक्रिया आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों वाले संस्थानों में ही शिक्षा का अवसर मिले।

जिला स्तर पर बनाई जाएगी जांच समिति

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में योजना से जुड़े संस्थानों की जांच के लिए जिला स्तर पर समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी करेंगे। जरूरत के अनुसार भूमि और भवन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी रखने वाले अधिकारियों को भी समिति में शामिल किया जा सकेगा।

जांच के दौरान संस्थानों की वास्तविक स्थिति का मिलान उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों से किया जाएगा। खास तौर पर भवन, परिसर, आधारभूत संरचना और शैक्षणिक माहौल की स्थिति की जांच की जाएगी।

1 सितंबर से 30 नवंबर तक दस्तावेज अपलोड करने होंगे

विभाग के निर्देश के मुताबिक, संबंधित संस्थानों को तय पोर्टल पर अपनी जरूरी जानकारी और अभिलेख 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक उपलब्ध कराने होंगे। जमा किए गए दस्तावेजों के आधार पर जांच समिति संस्थान का भौतिक सत्यापन करेगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि संबंधित सभी संस्थानों की स्थलीय जांच की प्रक्रिया 30 दिसंबर 2026 तक पूरी कर ली जाए।

संस्थानों के लिए मान्यता और गुणवत्ता मानकों पर जोर

सरकार ने योजना से जुड़े निजी संस्थानों से यह भी कहा है कि वे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े निर्धारित मानकों को पूरा करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं। इनमें NAAC से न्यूनतम ग्रेड ‘C’, NIRF की वार्षिक रैंकिंग में स्थान या National Accreditation Board से मान्य पाठ्यक्रम संचालित करने जैसी शर्तों की दिशा में पहल शामिल है।

सरकार की कोशिश है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए वित्तीय सहायता लेने वाले विद्यार्थियों को ऐसे संस्थानों में प्रवेश मिले, जहां जरूरी शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

दूसरी ओर BPSC ने अंकेक्षक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया

बिहार में शिक्षा संस्थानों की जांच के बीच बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने पंचायती राज विभाग के अंतर्गत अंकेक्षक सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया है। आयोग की ओर से जारी नतीजे के अनुसार 1,248 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है।

सामान्य वर्ग का कटऑफ रहा सबसे ज्यादा

परीक्षा में सामान्य वर्ग का कटऑफ 92 अंक रहा। सफल अभ्यर्थियों में अनारक्षित वर्ग से 702, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से 138, अनुसूचित जाति से 148, अत्यंत पिछड़ा वर्ग से 105 और पिछड़ा वर्ग से 105 उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं पिछड़ा वर्ग की महिला श्रेणी से 39 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

इसके अलावा क्षैतिज आरक्षण के तहत दिव्यांग श्रेणी से 35 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। भूतपूर्व स्वतंत्रता सेनानियों के नाती-नतिनी और पोता-पोती श्रेणी में भी 20 अभ्यर्थियों का चयन मुख्य परीक्षा के लिए हुआ है।

छात्रों और शिक्षा संस्थानों दोनों पर सरकार की नजर

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से जुड़े संस्थानों की जांच और BPSC अंकेक्षक परीक्षा के परिणाम से साफ है कि राज्य में एक ओर उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी भर्ती परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले महीनों में जांच रिपोर्ट और संस्थानों की पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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