महाराष्ट्र और झारखंड में करारी हार के बाद EVM के पीछे पड़ी कांग्रेस, बैलेट पेपर से चुनाव कराने देशभर में चलाएगी कैंपेन
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर एक बड़े अभियान का ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी। खरगे ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य आगामी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराना है। इसके लिए कांग्रेस पूरे देश में भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर एक जन जागरूकता अभियान चलाएगी।
खरगे ने कहा, "हम चाहते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव हो और इसके लिए हम पूरे देश में एक व्यापक अभियान शुरू करेंगे। हमारा मानना है कि ओबीसी, एससी, एसटी और अन्य कमजोर वर्गों के लोगों का वोट फिजूल जा रहा है। हम सभी से अपील करते हैं कि बैलेट पेपर से ही वोट डाले जाएं।" उन्होंने यह भी कहा कि वोटिंग मशीनों को गोदामों में रखा जाए, ताकि असल में यह साफ हो सके कि लोग कहां खड़े हैं।
राहुल गांधी की अगुवाई में होगा अभियान
खरगे ने आगे कहा, "हम इस अभियान में राहुल गांधी जी के नेतृत्व में पूरी ताकत से काम करेंगे। यह अभियान भारत जोड़ो यात्रा की तरह पूरे देश में चलाया जाएगा। हमारा उद्देश्य केवल बैलेट पेपर से चुनाव नहीं, बल्कि हर तबके को उनके हक की हिस्सेदारी देना है।"
जातीय जनगणना पर भी उठाए सवाल
खरगे ने संविधान दिवस के अवसर पर मांग की कि संसद में इस मुद्दे पर दो दिनों तक चर्चा होनी चाहिए, ताकि लोगों को संविधान की रक्षा और उसके महत्व के बारे में जानकारी मिल सके।
महाराष्ट्र चुनाव के बाद फिर उठे ईवीएम पर सवाल
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के बाद, विपक्षी दलों ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया और कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहिए ताकि सही परिणाम सामने आ सकें। शरद पवार ने भी ईवीएम पर संदेह जताया। हालांकि, चुनाव आयोग ने बार-बार ईवीएम के प्रति उठाए गए इन सवालों को खारिज किया है, और इसे पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय बताया है।

