Cockroach Janata Party: नई दिल्ली: देश की राजनीति के बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अनोखा नाम तेजी से वायरल हो रहा है- ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)। शुरुआत में इसे लोगों ने मजाक और मीम समझा, लेकिन कुछ ही दिनों में यह इंटरनेट पर बड़े ट्रेंड में बदल गया। पार्टी खुद को “युवाओं की आवाज” और “सिस्टम से निराश लोगों का मंच” बता रही है।

कैसे हुई शुरुआत?

इस पूरे विवाद की शुरुआत बेरोजगार युवाओं को लेकर हुई एक कथित टिप्पणी से मानी जा रही है। सोशल मीडिया पर उस बयान को लेकर बहस छिड़ी, जिसके बाद पूर्व AAP सोशल मीडिया कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत की। देखते ही देखते यह नाम वायरल हो गया और हजारों लोग ऑनलाइन इससे जुड़ने लगे।

तीन दिनों में हजारों सदस्य

पार्टी का दावा है कि लॉन्च के कुछ ही दिनों में 70 हजार से अधिक लोग इसकी सदस्यता ले चुके हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर CJP के पोस्ट, मीम्स और घोषणापत्र तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। पार्टी ने ऑनलाइन सदस्यता अभियान भी शुरू किया है, जिसमें मजाकिया अंदाज में “बेरोजगार, हमेशा ऑनलाइन और प्रोफेशनल शिकायतकर्ता” जैसी योग्यताएं बताई गई हैं।

क्यों चर्चा में है CJP का घोषणापत्र?

-कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का घोषणापत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पार्टी ने अपने पांच सूत्रीय एजेंडे में कई ऐसे मुद्दे उठाए हैं, जो सीधे राजनीति, न्याय व्यवस्था और लोकतंत्र से जुड़े हैं।

-घोषणापत्र में रिटायरमेंट के बाद जजों को राज्यसभा सीट न देने की मांग की गई है। इसके अलावा संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात भी कही गई है। पार्टी ने मीडिया की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और दल बदलने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग भी रखी है।

-CJP ने वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जाता है, तो जिम्मेदार चुनाव आयोग अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने NEET और CBSE जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मुद्दे भी उठाए हैं।

-सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने भी पार्टी को सुझाव दिया कि वह खुद को RTI के दायरे में लाए और किसी तरह का गुप्त फंड, जैसे “Cockroach CARES Fund”, न बनाए। दिलचस्प बात यह रही कि पार्टी ने इन सभी सुझावों को स्वीकार करने की बात कही।

-अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी भविष्य में एक वास्तविक राजनीतिक दल का रूप लेगी या फिर यह सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित एक सैटेरिकल आंदोलन बनकर रह जाएगी। हालांकि इतना तय है कि इस पहल ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है, जहां युवा मीम्स और व्यंग्य के जरिए व्यवस्था और राजनीति पर सवाल उठा रहे हैं।

नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी वायरल

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद ने भी मजाकिया अंदाज में पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई, जिसके बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

मजाक या नया आंदोलन?

फिलहाल यह साफ नहीं है कि CJP भविष्य में वास्तविक राजनीतिक पार्टी बनेगी या सिर्फ एक सैटेरिकल ऑनलाइन मूवमेंट बनकर रह जाएगी। लेकिन इतना तय है कि इसने बेरोजगारी, व्यवस्था और युवाओं की नाराजगी को नए अंदाज में राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बना दिया है।

Tags: