Viral Video: नई दिल्ली: बीती रात दिल्ली-एनसीआर के निवासियों ने एक दुर्लभ खगोलीय नजारा देखा, जिसने सबको हैरान कर दिया। रात करीब 1:20 से 1:30 बजे के बीच नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और यहां तक कि अलीगढ़ तक के आसमान में अचानक एक चमकीली रोशनी चमकी। यह 'आग का गोला' जैसी दिखी चीज तेजी से आगे बढ़ी और देखते-देखते कई छोटे-छोटे जलते टुकड़ों में बिखर गई, लपटें छोड़ती हुई। कई लोगों ने इसे उल्का पिंड या टूटते तारे का नजारा बताया, तो कुछ ने धीमी गति और लंबे समय तक चमकने को देखते हुए स्पेस जंक की संभावना जताई।

Viral Video: सोशल मीडिया पर तहलका मच गया। एक्स (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम और रेडिट पर वीडियो वायरल हो गए। @ujjwal1710 ने लिखा, "नोएडा के आसमान में अविश्वसनीय फायर स्ट्रिक! क्या यह मीटियर था या रॉकेट का मलबा? प्रकृति का अपना लाइट शो।" @still__mortal ने वीडियो शेयर कर कहा, "भिकाजी कामा प्लेस के पास 1:25 बजे मीटियर शावर जैसा दिखा, स्कूटी रोककर रिकॉर्ड किया।" इंस्टाग्राम हैंडल @greaternoidaa ने कैप्शन में बताया, "अल्फा जेपी ग्रीन स्टेडियम के पास 1:30 बजे दुर्लभ उल्का पिंड! अचानक चमकी रोशनी, जलती लकीरें जमीन की ओर।" लोगों की प्रतिक्रियाएं भी कमाल की रहीं- "आसमान में मार्वल मूवी का सीन!" या "हैप्पी दिवाली दोस्तों!" कुछ ने हैरानी जताई, "जिंदगी में पहली बार ऐसा देखा, क्या असली था?"



Viral Video: वैज्ञानिकों ने साफ किया कि यह उल्का पिंड नहीं, बल्कि स्पेस डेब्रिस था। नेहरू तारामंडल के वरिष्ठ इंजीनियर ओपी गुप्ता ने कहा, "यह सैटेलाइट या रॉकेट का मलबा था, जो वायुमंडल में घर्षण से जल रहा था। जयपुर तारामंडल से भी देखा गया।" प्रेरणा चंद्रा ने जोड़ा, "टूटते तारे जैसा नहीं, उपग्रह मलबे की घटना।" रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चीनी CZ-3B रॉकेट बॉडी (NORAD 61188) का मलबा था, जिसकी री-एंट्री 19 सितंबर को तय थी। अमेरिकन मीटियर सोसाइटी ने इसे बोलिड बताया, लेकिन धीमी गति से स्पेस जंक की पुष्टि हुई। ऐसी घटनाएं दुर्लभ होती हैं, खासकर बड़े शहरों में। कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह अंतरिक्ष मलबे की बढ़ती समस्या की याद दिलाता है। फैंस ने इसे 'रेयर मोमेंट' कहा, जो रात की नींद उड़ा गया।

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