Uttarakhand : उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही, केदारनाथ हाईवे पर मलबे में दबे कई वाहन, यमुनोत्री-गंगोत्री मार्ग पर भूस्खलन
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी देहरादून में भी आधी रात से लगातार बारिश दर्ज की गई है।
केदारनाथ हाईवे पर मलबे में दबे वाहन
रुद्रप्रयाग जिले में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तिलवाड़ा क्षेत्र में ऊपरी इलाकों से तेज बहाव के साथ मलबा सड़क पर आ गया, जिससे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। भारी मलबे में चार बाइक, नगर पंचायत के दो कूड़ा वाहन और एक ट्रैक्टर दब गए। हालांकि प्रशासन और स्थानीय टीमों की मदद से मलबा हटाकर सभी वाहनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के कारण केदारनाथ हाईवे पर करीब सात घंटे तक यातायात बाधित रहा। फिलहाल मार्ग को खोल दिया गया है और सड़क से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
यमुनोत्री हाईवे लगातार दूसरे दिन बंद
भारी भूस्खलन के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। हाईवे पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण राहत कार्यों में परेशानी आ रही है। बाड़िया गांव के नीचे सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र में सड़क पर दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे पैदल चलना भी खतरनाक हो गया है।
गंगोत्री हाईवे पर दो घंटे प्रभावित रही आवाजाही
उत्तरकाशी में ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास भू-धंसाव के कारण बुधवार सुबह करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। बीआरओ की टीम मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने में जुटी रही, जिसके बाद छोटे वाहनों के लिए मार्ग बहाल कर दिया गया। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों और कांवड़ यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सिलाई बैंड पर बाल-बाल बचे कांवड़ यात्री
यमुनोत्री हाईवे के सिलाई बैंड क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया। यमुनोत्री धाम से लौट रहे दो कांवड़ यात्री अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। जान बचाने के लिए दोनों यात्रियों को बाइक छोड़कर मौके से भागना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे यात्रियों में डर का माहौल है।
प्रदेश की 100 से ज्यादा सड़कें बंद, प्रशासन अलर्ट
मानसून की बारिश के कारण उत्तराखंड में अभी भी बड़ी संख्या में सड़कें बंद हैं। प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय एजेंसियां मार्गों को खोलने में जुटी हुई हैं।