UKSSSC Exam Scam: ED के शिकंजे में पूर्व OSD, घर से मिले 32 लाख रुपये और कीमती सामान
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है।
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के देहरादून सब-जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत देहरादून के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
यह कार्रवाई UKSSSC ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में हुई अनियमितताओं और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने तत्कालीन अधिकारियों, परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों और निजी कंप्यूटर एजेंसी से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की।
पूर्व CM हरीश रावत के OSD रहे चंदन सिंह जीना के घर भी छापा
ED ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के पूर्व ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) चंदन सिंह जीना के आवास पर भी तलाशी ली।चंदन सिंह जीना साल 2009 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD के पद पर रहे थे। इसके अलावा वह पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
घर से मिले 32 लाख रुपये कैश और कीमती सामान
तलाशी के दौरान ED को चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये की बिना हिसाब-किताब वाली नकदी बरामद हुई। इसके अलावा करीब 200.5 ग्राम सोने के सिक्के और चेन भी मिले। इनमें 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन शामिल हैं। जांच एजेंसी को तलाशी के दौरान कई महंगी ब्रांडेड घड़ियां भी मिलीं। इनमें Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड की कुल 12 घड़ियां शामिल हैं।
1.28 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त और फ्रीज
ED के मुताबिक, चंदन सिंह जीना के घर से बरामद और फ्रीज की गई संपत्ति का कुल मूल्य फिलहाल करीब 1.28 करोड़ रुपये आंका गया है।इसके अलावा बैंक खातों में मौजूद रकम को भी फ्रीज किया गया है। जांच के दौरान चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में करीब 52.16 लाख रुपये का बैलेंस मिला, जिसे PMLA की संबंधित धाराओं के तहत फ्रीज किया गया है। महंगी घड़ियों की कीमत का आकलन अभी बाकी है, जिसके बाद जब्त संपत्ति का कुल मूल्य और बढ़ सकता है।
OMR शीट में हेरफेर का सामने आया मामला
जांच में सामने आया कि UKSSSC परीक्षा की OMR आंसर शीट को कथित तौर पर सुरक्षित कस्टडी से हटाकर तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर ले जाया गया था। आरोप है कि वहां अधूरी भरी गई OMR शीट के रोल नंबर दर्ज किए गए और उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों तक पहुंचाया गया। इसके बाद बिचौलियों के जरिए पैसे लेकर उत्तरों में बदलाव करने और दोबारा सील करने की बात जांच में सामने आई है।
मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य किए गए जब्त
ED ने तलाशी अभियान के दौरान संबंधित लोगों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा सके। जांच एजेंसी का कहना है कि कई लोगों के पास से ऐसी नकदी और संपत्तियां मिली हैं, जिनका उनकी घोषित आय से मेल नहीं बैठ रहा है।
आगे भी जारी रहेगी जांच
UKSSSC भर्ती घोटाला मामले में ED अब बरामद दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।