देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं की नई पीढ़ी यानी Gen-Z को एक नया नाम दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे Gen-Z को ‘इन-जी’ यानी इंडियन जनरेशन कहते हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवा जिस तरह से नए विचारों और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वह देश और प्रदेश के भविष्य के लिए उम्मीद की किरण है।

मुख्यमंत्री देहरादून में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन-2026’ कार्यक्रम में चयनित 140 छात्र-छात्राओं से संवाद कर रहे थे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल हुए।

छात्रों के विचारों की सीएम ने की सराहना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने छात्रों के सुझावों को पढ़ा और उनकी सोच से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि 15-16 साल की उम्र के विद्यार्थी पर्यटन, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, स्थानीय विकास और पलायन जैसे गंभीर विषयों पर जिस गहराई से विचार कर रहे हैं, वह सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों में भविष्य की योजनाओं को लेकर स्पष्टता दिखाई देती है। कई विद्यार्थियों ने ‘नॉलेज बैंक’ बनाने जैसे सुझाव दिए हैं, जिन्हें सरकार अपनी नीतियों में शामिल करने की दिशा में काम करेगी।

‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान से मिले लाखों सुझाव

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन अभियान के तहत ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर प्रदेशभर के विद्यार्थियों से सुझाव मांगे गए थे। इस अभियान में करीब 2 लाख 67 हजार 744 विचार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुए। इन सुझावों में से बेहतर और उपयोगी विचार देने वाले विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिन्हें मुख्यमंत्री के साथ संवाद का अवसर मिला।

तीन लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को जोड़ा गया अभियान से

सीएम धामी के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में राज्य के करीब तीन लाख कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को जोड़ा गया है। अभियान का उद्देश्य युवाओं के विचारों को समझना और प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विद्यार्थियों के सुझाव अच्छे थे, इसलिए उनमें से कुछ का चयन करना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर सुझावों को सरकार आगे की योजनाओं में शामिल करने का प्रयास करेगी।

चयनित छात्रों को मिलेगी करियर तैयारी के लिए स्कॉलरशिप

अभियान में चुने गए विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और करियर तैयारी के लिए सहायता भी दी जाएगी। चयनित छात्रों को 12वीं कक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर निर्माण से जुड़ी तैयारियों के लिए दो लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, सोच और सुझाव उत्तराखंड को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Tags: