Jio सैटेलाइट इंटरनेट को बड़ा बूस्ट, IN-SPACe ने दी तकनीकी मंजूरी, 1,600 लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट होंगे तैनात

Update: 2026-07-18 10:22 GMT

Jio Satellite Internet: नई दिल्ली: रिलायंस जियो की सैटेलाइट इंटरनेट परियोजना को बड़ा बढ़ावा मिला है। भारत की अंतरिक्ष नियामक संस्था IN-SPACe ने जियो की करीब 1,600 लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट तैनात करने की योजना को तकनीकी रूप से उपयुक्त माना है। यह जांच इसरो (ISRO) और दूरसंचार विभाग (DoT) की मदद से की गई। इससे जियो अब आगे की मंजूरी और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं की ओर बढ़ सकेगी।

क्या है जियो की योजना?

जियो पूरे भारत में तेज इंटरनेट और बेहतर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए 1,600 LEO सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजना चाहती है। कंपनी का दावा है कि इस नेटवर्क की क्षमता 4.5 से 5 टेराबिट प्रति सेकंड होगी। इसके साथ ही देशभर में 20 से 22 ग्राउंड स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जो सैटेलाइट नेटवर्क को संचालित करेंगे।

लोगों को क्या मिलेगा फायदा?

इस परियोजना से दूर-दराज के इलाकों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंच सकेगा। जियो ब्रॉडबैंड, मोबाइल नेटवर्क और डायरेक्ट-टू-डिवाइस जैसी सैटेलाइट सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। इससे आम लोगों, कारोबार और सरकारी संस्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

भारत के लिए क्यों है खास?

यह परियोजना केवल इंटरनेट सेवा तक सीमित नहीं है। भविष्य में इसका इस्तेमाल रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भी किया जा सकता है। इससे भारत की विदेशी सैटेलाइट नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी और देश की अंतरिक्ष संचार क्षमता मजबूत होगी।

अब आगे क्या होगा?

तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद जियो को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) से ऑर्बिटल अधिकार लेने होंगे और अन्य जरूरी मंजूरियां पूरी करनी होंगी। इसके बाद सैटेलाइट लॉन्च और सेवा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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