Airtel-Jio की शिकायत पर Vi की जांच कर रहा TRAI, MNP में गड़बड़ी के आरोप
दूसरे नेटवर्क से Vi में आने वाले ग्राहकों को सस्ते पोस्टपेड प्लान ऑफर करना शामिल है।
नई दिल्ली: देश की तीन बड़ी टेलिकॉम कंपनियों Airtel, Jio और Vodafone Idea (Vi) के बीच विवाद सामने आया है। भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की शिकायत के बाद टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने Vi के खिलाफ लगे आरोपों की जांच शुरू की है। दोनों कंपनियों ने Vi पर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए ग्राहक अपने नेटवर्क पर लाने के लिए गलत तरीकों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
भ्रामक कॉल और SMS को लेकर शिकायत
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, Airtel और Jio ने TRAI को दी शिकायत में कई आरोप लगाए हैं। इनमें ग्राहकों को कथित तौर पर भ्रामक कॉल करना, UPC यानी यूनिक पोर्टिंग कोड से जुड़े SMS को सीमित करना और दूसरे नेटवर्क से Vi में आने वाले ग्राहकों को सस्ते पोस्टपेड प्लान ऑफर करना शामिल है।
डिस्काउंट प्लान को लेकर भी आरोप
दोनों कंपनियों का आरोप है कि Vi ऐसे ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अफॉर्डेबल पोस्टपेड प्लान का प्रचार कर रहा था, जो MNP के जरिए अपना नंबर Vi में पोर्ट कराना चाहते थे। टेलिकॉम कंपनियों के बीच नए ग्राहकों को जोड़ने की होड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में MNP के जरिए दूसरे नेटवर्क के यूजर्स को अपने साथ जोड़ना अहम माना जाता है।
TRAI ने कहा- जांच जारी है
TRAI के एक अधिकारी के मुताबिक, मामले को नियामक के स्तर पर देखा जा रहा है। जब किसी शिकायत की जानकारी मिलती है तो उसकी जांच करना जरूरी होता है। संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा। यानी फिलहाल TRAI ने Vi को किसी नियम के उल्लंघन का दोषी नहीं माना है और आरोपों की जांच चल रही है।
Vi ने आरोपों को बताया गलत
Vodafone Idea ने Airtel और Jio के आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि वह मौजूदा कानून और टेलिकॉम नियमों के मुताबिक काम कर रही है। Vi ने किसी भी नियम के उल्लंघन से इनकार किया है। अब कंपनी को TRAI के सामने अपना पक्ष रखना होगा।
करोड़ों मोबाइल यूजर्स पर पड़ सकता है असर
MNP की सुविधा के जरिए ग्राहक बिना मोबाइल नंबर बदले एक कंपनी से दूसरी कंपनी में जा सकते हैं। ऐसे में अगर ग्राहकों को गुमराह करने या पोर्टिंग प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसका असर टेलिकॉम कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ मोबाइल यूजर्स के अधिकारों पर भी पड़ सकता है।