जयपुर: राजस्थान में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। अंता विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। एसडीएम पर पिस्तौल तानने के मामले में तीन साल की सजा मिलने के बाद विधानसभा ने उनकी विधायकी समाप्त की। अब अंता में उपचुनाव का फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर टिका है। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने महाधिवक्ता और वरिष्ठ वकीलों से कानूनी सलाह लेने के बाद यह कदम उठाया।

महाधिवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने तक सदस्यता बहाल नहीं हो सकती। इसके बाद 1 मई से उनकी विधायकी समाप्त मान ली गई। कंवरलाल ने सजा पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो खारिज हो गई। कोर्ट के आदेश पर 21 मई को उन्होंने अकलेरा कोर्ट में सरेंडर किया और जेल भेजे गए।

विधानसभा ने 7 मई तक उनसे स्थगन आदेश की जानकारी मांगी, जो न मिलने पर उनकी सदस्यता रद्द की गई। पिछले आठ साल में यह दूसरा मामला है। पहले बसपा विधायक बीएल कुशवाह की सदस्यता हत्या के मामले में रद्द हुई थी। अब चुनाव आयोग को अंता सीट की जानकारी भेजी जाएगी, जो उपचुनाव पर निर्णय लेगा। यदि सुप्रीम कोर्ट सजा पर रोक लगाता है, तो उपचुनाव टल सकता है। कांग्रेस के दबाव के बीच यह फैसला लिया गया।

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