Bihar News : बिहार में शिक्षा सुधार का बड़ा प्लान, 1001 मॉडल स्कूलों का लक्ष्य, AI से मूल्यांकन

बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं।

Update: 2026-08-09 14:02 GMT

पटना : बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, परीक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने और छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कई अहम फैसले लिए हैं। पटना के अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था को छात्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है और सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर स्कूल में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित हो।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बनेगी राज्य स्तरीय समिति

सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य स्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। यह समिति स्कूलों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार के लिए सुझाव देगी। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ उनकी क्षमता के अनुरूप सीखने के अवसर मिल सकें।

परीक्षा प्रणाली में AI और तकनीक का इस्तेमाल

बिहार में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया जाएगा। समिति बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और कक्षा स्तर के मूल्यांकन में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर सुझाव देगी। इसके जरिए छात्रों के केवल रटने की क्षमता ही नहीं, बल्कि उनकी समझ, ज्ञान और विश्लेषण क्षमता का भी बेहतर मूल्यांकन करने की योजना है।

छात्रों से सीधे संवाद करेंगे CM

शिक्षा सुधार की योजनाओं में छात्रों की राय को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद करेंगे। इन संवाद कार्यक्रमों के जरिए छात्रों की समस्याएं, सुझाव और जरूरतें समझने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर शिक्षा से जुड़ी नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

छात्र कल्याण के लिए बनेगा अलग निदेशालय

सरकार ने छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों में निदेशालय गठित करने का भी निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू करना है, ताकि उनका लाभ जरूरतमंद छात्रों तक समय पर पहुंच सके।

1001 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ने को प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने प्रदेश में 1001 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि बिहार के बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख न करना पड़े।

छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों में पढ़ाई सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है। AI आधारित मूल्यांकन, परीक्षा सुधार, मॉडल स्कूल और छात्रों के साथ सीधा संवाद जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भविष्य के अनुरूप बनाया जा सकेगा।

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