Bihar Crime : मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर पुलिस ने नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेलने वाले अंतरजिला गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह के कब्जे से दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित बरामद कराया गया है।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई कथैया थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग बच्ची के अपहरण के मामले की जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हरदिया मेला से बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया था।

मुजफ्फरपुर से पटना तक ठिकाने बदलते रहे आरोपी

पुलिस का दावा है कि अपहरण के बाद बच्ची को पहले मुजफ्फरपुर में बंधक बनाकर रखा गया और देह व्यापार में धकेला गया। बाद में उसे पटना शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर पटना के रामकृष्ण नगर इलाके में छापेमारी कर बच्ची को सुरक्षित बरामद किया।

एसएसपी के निर्देश पर ग्रामीण एसपी की निगरानी और पश्चिमी-01 एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। बरामद बच्ची से मिली जानकारी और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर और पटना में कई स्थानों पर दबिश दी।

7 आरोपी गिरफ्तार, कई की तलाश जारी

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान शमिता कुमारी, अनीता कुमारी, आशीष कुमार, भूषण झा, बिट्टू कुमार, सुजीत कुमार और गिरिजा यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरिजा यादव रामकृष्ण नगर, पटना में मकान मालिक है।

पूछताछ में पुलिस को गिरोह के सदस्यों की कथित भूमिका और उनके बीच समन्वय से जुड़ी जानकारी मिली है। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चियों को पुलिस की नजर से बचाने के लिए अलग-अलग ठिकानों और जिलों में शिफ्ट किया जाता था।

फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी

पुलिस के अनुसार, बरामद बच्चियों को लंबे समय तक अलग-अलग स्थानों पर रखे जाने के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आई हैं। उन्हें आवश्यक मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एसएसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।

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