पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
जनसंघ से भाजपा तक रहा लंबा राजनीतिक सफर

पटना: बिहार के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा (आरके सिन्हा) का शुक्रवार, 30 अक्टूबर को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वे करीब 75 साल के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। ब्रेन स्ट्रोक के बाद वे लंबे समय तक कोमा में रहे। उनके निधन से राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर है।
अंतिम दर्शन के लिए पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर
आरके सिन्हा का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए नोएडा से पटना लाया जाएगा। यहां पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। हालांकि, पार्थिव शरीर पहुंचने और अंतिम संस्कार की तारीख व समय की जानकारी अभी नहीं दी गई है। परिवार जल्द ही इसकी विस्तृत जानकारी साझा करेगा।
जनसंघ से भाजपा तक रहा लंबा राजनीतिक सफर
आरके सिन्हा भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के करीबी माने जाते थे। उनका संसदीय सफर 2014 में शुरू हुआ था। वे 2020 तक राज्यसभा सांसद रहे। बिहार की राजनीति में उनकी अहम पहचान थी।
SIS ग्रुप के संस्थापक भी थे
राजनीति के साथ आरके सिन्हा ने कारोबार के क्षेत्र में भी बड़ा मुकाम हासिल किया। वे सुरक्षा और सर्विस सेक्टर की कंपनी SIS ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन थे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई।
भाजपा और जदयू नेताओं ने जताया दुख
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, जदयू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिवार ने भी शोक संदेश जारी कर लोगों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की।


