शहर भर में जारी कंस्ट्रक्शन वर्क और निजी वाहन का प्रदूषण बिगाड़ रहा शहर की सेहत

By :  Vpb
Update: 2024-11-16 05:49 GMT
भोपाल। दिल्ली की तरह शहर की हवा प्रदूषित होने के बाद एक बार फिर जिला प्रशासन, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य एजेंसियों ने समीक्षाएं शुरू कर दी हैं। लंबी बैठकों और चर्चा के बाद यह बात निकलकर सामने आया है कि शहर में अंडर कंस्ट्रक्शन साइट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के कमजोर होने की वजह से निजी वाहनों की संख्या बढ़ रही है। कंस्ट्रक्शन साइट पर गाइडलाइन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है जिसके चलते तेजी से मोनोऑक्साइड, धूलकण और ऑक्सीजन के प्रतिशत में गिरावट जैसे गतिरोध बने हुए हैं।

रात में कई रहवासी कैंपस सूखा कचरा भी जला रहे हैं जिससे विजिबिलिटी कमजोर हो रही है और वायु प्रदूषण फैल रहा है। इन सबके बावजूद नगर निगम के कर्मचारी अटल पथ मॉडल रोड जैसी सड़कों पर पानी का स्प्रे कर रहे हैं जहां पहले ही खुला एरिया है और वायु प्रदूषण बेहद कम है। शहर की एकमात्र पब्लिक ट्रांसपोर्ट संभालने वाली सरकारी संस्था भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड संचालित 300 में से 149 लो फ्लोर बस घोषित रूप से बंद चल रही हैं। शेष वाहनों में से ज्यादातर मेंटेनेंस और तकनीकी खराबी के चलते डिपो से बाहर नहीं आती हैं।

गिनती की बसों के कारण नागरिक निजी वाहन या दूसरे संसाधन पर आवागमन पर निर्भर हो जाता हैं।मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के अंतर्गत पिछले 5 साल से शहर में अलग-अलग स्थान पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। तीन साल से गणेश मंदिर से गुरुदेव गुप्त चौराहा फ्लाईओवर बन रहा था, जो अब तैयार हो गया है इसकी फिनिशिंग चल रही है। पुराने शहर में मेट्रो का काम शुरू करने के लिए जगह-जगह पर सॉइल टेस्टिंग और अतिक्रमण हटाने की मुहिम चल रही है।
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