MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में शुरू करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा का शुभारंभ किया। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबिलिटी विजन-2030 के तहत प्रदेश के 7 शहरों के लिए कुल 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इनमें 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू की गई इस सेवा का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच बस कनेक्टिविटी मजबूत करना और नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक तथा पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। सरकार ने चरणबद्ध विस्तार के जरिए प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में एमपी यात्री परिवहन कंपनी ने आईआईएम इंदौर और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, भोपाल के साथ एमओयू भी किया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनप्रतिनिधियों के साथ टिकट लेकर बस में यात्रा की।

पहले चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इंदौर में 145 बसें, भोपाल में 106 और जबलपुर में 67 बसें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसें शुरू की गई हैं। इस तरह शुरुआती चरण में अलग-अलग शहरों के बीच और शहरों के भीतर परिवहन सुविधा का विस्तार किया गया है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों के जरिए ग्रामीण और गरीब आबादी तक सुरक्षित और किफायती परिवहन पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। गडकरी ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इथेनॉल और वैकल्पिक ईंधन के विस्तार का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे ईंधन आयात पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।



 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21 साल बाद मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन बस सेवा दोबारा शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी नगरों और जिलों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क परिवहन सुविधा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

नई बस सेवा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए CCTV कैमरे, पैनिक बटन, इमरजेंसी डोर, GPS मॉनिटरिंग, ऑनलाइन टिकटिंग और शिकायत समाधान जैसी व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। बसों के संचालन, लोकेशन और समय की निगरानी ITMS के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए कमांड-कंट्रोल सेंटरों से बसों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

सरकार ने सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क के विस्तार के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य भी तय किए हैं। योजना के तहत 2031 तक 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले वर्ष 1,500 बसें चलाने और इसके बाद हर साल करीब 2,500 से 3,000 बसें जोड़ने की योजना है। साथ ही निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी के लिए PPP मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नई परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक और CNG बसों के विस्तार के जरिए पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार, बस नेटवर्क के विस्तार से शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने के साथ शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर करने में मदद मिलेगी।

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