New Rules from 1 April: नई दिल्ली: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही 1 अप्रैल 2025 से कई बड़े नियम लागू होने जा रहे हैं, जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करेंगे। बैंकिंग, इनकम टैक्स, डिजिटल पेमेंट, जीएसटी और अन्य क्षेत्रों में होने वाले ये बदलाव आम नागरिकों से लेकर कारोबारियों तक सब पर असर डालेंगे। इन बदलावों की पहले से जानकारी रखकर आप परेशानियों से बच सकते हैं। आइए जानते हैं इन 10 प्रमुख बदलावों के बारे में।

1. UPI पर नया नियम

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 1 अप्रैल से निष्क्रिय मोबाइल नंबरों से जुड़े यूपीआई लेनदेन पर रोक लगा दी है। अगर आपका बैंक खाता पुराने या बंद नंबर से जुड़ा है, तो 31 मार्च तक नया नंबर लिंक कराएं, वरना यूपीआई सेवाएं बंद हो सकती हैं।

2. निष्क्रिय UPI ID बंद

फ्रॉड रोकने के लिए एनपीसीआई पिछले 12 महीनों से इस्तेमाल न हुए यूपीआई आईडी को निष्क्रिय कर देगा। ऐसे यूजर्स को अपनी आईडी दोबारा सक्रिय करानी होगी, नहीं तो वे डिजिटल भुगतान से वंचित रह जाएंगे।

3. FD पर राहत

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशकों के लिए खुशखबरी है। 1 अप्रैल से सीनियर सिटीजन को 1 लाख रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं देना होगा, जो पहले 50 हजार था। अन्य निवेशकों के लिए यह सीमा 40 हजार से बढ़कर 50 हजार रुपये होगी।

4. ब्याज दरों में बदलाव

SBI, HDFC, IDBI जैसे कई बैंक 1 अप्रैल से FD और बचत खातों की ब्याज दरें संशोधित करेंगे। नई दरें जानने के लिए बैंक की वेबसाइट चेक करें।

5. पैन-आधार लिंक जरूरी

1 अप्रैल से बिना पैन-आधार लिंक के शेयरों से डिविडेंड नहीं मिलेगा। साथ ही, कैपिटल गेन पर टीडीएस बढ़ेगा और फॉर्म 26AS में क्रेडिट भी नहीं दिखेगा।

6. डीमैट और म्यूचुअल फंड नियम सख्त

SEBI ने KYC और नॉमिनी अपडेट को अनिवार्य किया है। ऐसा न करने पर डीमैट खाते फ्रीज हो सकते हैं, हालांकि इन्हें बाद में सक्रिय कराया जा सकता है।

7. न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य

सेविंग खातों में न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 1 अप्रैल से बैंक जुर्माना लगा सकते हैं। अपने बैंक की नीति जांच लें।

8. जीएसटी में नया सिस्टम

1 अप्रैल से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम लागू होगा, जिससे टैक्स वितरण और व्यवसाय प्रबंधन बेहतर होगा। 

9. LPG कीमतों में उतार-चढ़ाव

हर महीने की तरह, 1 अप्रैल को LPG सिलेंडर की कीमतें संशोधित होंगी, जो अंतरराष्ट्रीय तेल मूल्य और विनिमय दर पर निर्भर करेंगी।

10. टैक्स में राहत

नए टैक्स रिजीम में 12 लाख तक की आय टैक्स-मुक्त होगी, लेकिन पुराने रिजीम का लाभ लेने के लिए अलग से विकल्प चुनना होगा।

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