h1n1 virus delhi: दिल्ली-NCR में में एक साल में छह गुना बढ़ा H1N1 का प्रकोप, फ्लू जैसे इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
h1n1 virus delhi: दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में इस मॉनसून इन्फ्लूएंजा, खासकर H1N1 के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले साल इसी अवधि में जहां H1N1 के 229 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल अब तक 1,344 मामले दर्ज किए गए हैं।
h1n1 virus delhi: दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में इस मॉनसून इन्फ्लूएंजा, खासकर H1N1 के मामलों में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पिछले साल इसी अवधि में जहां H1N1 के 229 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल अब तक 1,344 मामले दर्ज किए गए हैं। यानी संक्रमण के मामलों में करीब छह गुना वृद्धि हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, पिछले तीन-चार हफ्तों से अस्पतालों की ओपीडी में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
h1n1 virus delhi: गुरुग्राम स्थित फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. सतीश कौल के अनुसार, अस्पतालों में खांसी, जुकाम और तेज बुखार की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। जांच में इनमें H1N1 संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं। उनके मुताबिक, ओपीडी में रोजाना करीब 7 से 10 मरीज ऐसे आ रहे हैं। इसी दौरान कोविड-19 के मामलों में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई है।
h1n1 virus delhi: ज्यादातर मरीजों में संक्रमण हल्का
डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर H1N1 संक्रमण हल्के होते हैं और मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। सामान्य तौर पर बुखार तीन से पांच दिन में कम हो सकता है, जबकि फ्लू जैसे अन्य लक्षण करीब पांच से सात दिनों तक बने रह सकते हैं।
हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी की बीमारी और COPD जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
h1n1 virus delhi: इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों ने लगातार तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ या निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। खासकर हाई-रिस्क ग्रुप में शामिल लोगों को लक्षण बढ़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने संक्रमण की स्थिति में घर पर आराम करने, दूसरों से दूरी बनाए रखने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है।