Elon Musk: किसने दिया पोस्ट हटाने का आदेश? X पर दिखेगी सरकारी सेंसरशिप, एलन मस्क बोले- यूजर्स को पता चलेगा किस सरकार ने कंटेंट हटाने को कहा
समझने में मदद मिलेगी कि किसी कंटेंट पर X की अपनी नीति के तहत कार्रवाई ...
Elon Musk: नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X अब सरकारी अधिकारियों की ओर से कंटेंट हटाने या अकाउंट पर रोक लगाने के अनुरोध की जानकारी यूजर्स को ज्यादा स्पष्ट तरीके से देगा। X के मालिक एलन मस्क ने कहा कि सरकारों की ओर से की जाने वाली सेंसरशिप अब यूजर्स को साफ दिखाई देगी। इसका मकसद कंटेंट मॉडरेशन और ऑनलाइन भाषण में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना है।
किस एजेंसी ने अनुरोध किया, यह भी पता चलेगा
नई व्यवस्था के तहत किसी पोस्ट या अकाउंट पर कार्रवाई के लिए अनुरोध करने वाली सरकारी एजेंसी की पहचान बताई जा सकती है। जहां संभव होगा, वहां कार्रवाई के लिए बताए गए कानूनी आधार या कारण की जानकारी भी यूजर्स को दी जाएगी। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी कंटेंट पर X की अपनी नीति के तहत कार्रवाई हुई है या सरकारी अनुरोध के बाद।
मॉडरेशन और एल्गोरिदम में भी पारदर्शिता
मस्क लंबे समय से X के मॉडरेशन और रिकमेंडेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कहते रहे हैं। प्लेटफॉर्म अपने रिकमेंडेशन सिस्टम के कुछ हिस्सों को ओपन-सोर्स करने की दिशा में भी काम कर चुका है। इससे यूजर्स और शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद मिल सकती है कि पोस्ट की पहुंच कैसे तय होती है।
सरकारी अनुरोधों पर कार्रवाई का रिकॉर्ड
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क के स्वामित्व में X ने सरकारों की ओर से कंटेंट हटाने के 83% से 98.8% तक अनुरोधों का पालन किया है। यह आंकड़ा अलग-अलग अवधि के हिसाब से बदलता रहा है। नई व्यवस्था से कंपनी का लक्ष्य सरकारी हस्तक्षेप और कंटेंट पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर यूजर्स को अधिक स्पष्ट जानकारी देना है।