उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर इन दिनों लगातार चर्चा में बना हुआ है। मंदिर से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के बीच अब मंदिर परिसर के पास अचानक कुछ लंगूरों के पहुंचने से लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। श्रद्धालु लंगूरों की मौजूदगी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। पिछले चार दिनों में यहां करीब 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और बैरिकेडिंग के साथ पुलिस बल तैनात किया गया है।

सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

उज्जैन के सती गेट क्षेत्र में स्थित खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई वीडियो और रील वायरल हो रहे हैं। इनमें मंदिर की प्रतिमा को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

वायरल वीडियो के कारण मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। कई लोग दर्शन करने के बाद मंदिर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे मंदिर लगातार चर्चा में बना हुआ है।

लंगूरों की मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र

इसी बीच मंदिर के आसपास पहुंचे लंगूर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं। मंदिर आने वाले लोग लंगूरों को देखकर उत्सुक नजर आए। हालांकि, प्रशासन की ओर से लंगूरों के मंदिर पहुंचने को लेकर कोई विशेष दावा या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

टेंट में विराजमान हैं हनुमान प्रतिमा, इलाके में सुरक्षा बढ़ी

फिलहाल मंदिर परिसर की स्थिति पहले से अलग है। मार्ग चौड़ीकरण से जुड़े कार्य के चलते मंदिर का आसपास का हिस्सा हटाया जा चुका है और हनुमान जी की प्रतिमा फिलहाल टेंट में स्थापित है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है। सुबह से शाम तक भक्तों की आवाजाही बनी हुई है। खास बात यह है कि कोई बड़ा धार्मिक पर्व नहीं होने के बावजूद मंदिर में लगातार भीड़ देखने को मिल रही है।

श्रद्धालुओं ने जताई भावनाएं, स्थान नहीं बदलने की मांग

मंदिर पहुंच रहे कई श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थान उनकी आस्था से जुड़ा हुआ है और मंदिर को यथास्थान बनाए रखा जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। स्थानीय लोगों और बाहर से आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन से अपील की है कि मंदिर से जुड़े फैसले में जनभावनाओं को प्राथमिकता दी जाए।

प्रशासन ने वायरल दावों को बताया भ्रामक

मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावों पर प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा है कि प्रतिमा हटाने के लिए अभी तक किसी मशीन या बल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में नियमों के अनुसार सावधानी बरती जा रही है।

वहीं, मंदिर से जुड़े पुजारी महेश बैरागी का कहना है कि सोशल मीडिया पर जानकारी फैलने के बाद देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से मंदिर की स्थिति को लेकर तकनीकी जांच की तैयारी भी की जा रही है।

सिंहस्थ निर्माण कार्य से जुड़ा है मामला

खड़े हनुमान मंदिर से जुड़ा विवाद उज्जैन में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ निर्माण कार्य से संबंधित है। कंठाल से छत्री चौक तक मार्ग विस्तार की योजना में मंदिर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है।

मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मंदिर को नहीं हटाने की मांग की है। फिलहाल बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मंदिर के आसपास की गतिविधियों के कारण खड़े हनुमान मंदिर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

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