MP Kanwar Yatra: जबलपुर में कांवड़ियों के बीच पहुंचे CM डॉ. मोहन यादव, फूल बरसाकर किया स्वागत और बजाया डमरू

जबलपुर में सावन के पवित्र सोमवार के अवसर पर संस्कार कांवड़ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ।

Update: 2026-08-10 09:49 GMT

जबलपुर। जबलपुर में सावन के पवित्र सोमवार के अवसर पर संस्कार कांवड़ यात्रा का भव्य आयोजन हुआ। रांझी क्षेत्र से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘बोल कांवड़िया, बोल बम’ के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

कांवड़ियों पर बरसाए फूल, खुद बजाया डमरू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रा में शामिल कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं कांवड़ उठाई और डमरू बजाकर श्रद्धालुओं के साथ भक्ति में भाग लिया। मुख्यमंत्री दादा गुरु के साथ कुछ दूरी तक पैदल भी चले। उनके साथ कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी यात्रा में शामिल रहे।

नर्मदा जल लेकर निकले श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन का सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष अवसर है। मां नर्मदा का जल लेकर कांवड़िए भगवान शिव को अर्पित करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या दिखाई दे रही है और दूर तक नजर डालने पर कांवड़ियों का सैलाब नजर आता है। उनके अनुसार, यह यात्रा श्रद्धा, साधना और संकल्प का प्रतीक है।

सनातन संस्कृति और धार्मिक पर्यटन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधाओं के साथ-साथ प्रदेश के धार्मिक स्थलों को भी आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सनातन संस्कृति को भारत की मूल पहचान बताते हुए कहा कि यह आत्म-अनुशासन, सकारात्मकता और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती है।

दादा गुरु के संदेश का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने दादा गुरु की साधना और जीवनशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संयम और साधना के जरिए आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ना भी जरूरी है।

‘नर्मदा के कण-कण में शंकर’ का दिया संदेश

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां नर्मदा और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा मध्यप्रदेश की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ‘नर्मदा के कण-कण में शंकर’ का उल्लेख करते हुए संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।

Tags:    

Similar News