MP News : शौर्य स्मारक में डिजिटल लाइब्रेरी और स्वतंत्रता संग्राम वीथिकाओं का शुभारंभ, CM डॉ. मोहन यादव ने किया वीरों को नमन

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर राजधानी भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल लाइब्रेरी और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विशेष वीथिकाओं का शुभारंभ किया।

Update: 2026-08-14 09:34 GMT

MP News: भोपाल। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर राजधानी भोपाल स्थित शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल लाइब्रेरी और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विशेष वीथिकाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नई डिजिटल लाइब्रेरी और वीथिकाओं के जरिए युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से परिचित कराने का प्रयास किया गया है।

डिजिटल लाइब्रेरी में दिखेगा सेना का गौरवशाली इतिहास

शौर्य स्मारक में शुरू की गई डिजिटल लाइब्रेरी में भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, वीर सैनिकों की शौर्यगाथाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां आने वाले लोग डिजिटल माध्यम से देश की रक्षा और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को जान सकेंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं में राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।

स्वतंत्रता संग्राम की गाथाओं को सहेजने पर जोर

स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी वीथिकाओं में देश की आजादी के आंदोलन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों और घटनाओं को स्थान दिया गया है। इनमें स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजादी की लड़ाई में योगदान देने वाले प्रवासी भारतीयों की भूमिका को भी प्रदर्शित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। इतिहास को जानना केवल अतीत को याद करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम भी है।

हर घर तिरंगा अभियान से देशभक्ति का माहौल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान से पूरे देश में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि घरों के साथ-साथ बाजारों, संस्थानों और कारखानों में भी तिरंगा शान से लहराया जा रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने की अपील की।

विभाजन विभीषिका को याद करने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के संदर्भ में कहा कि वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। विभाजन के दौर में लोगों ने विस्थापन, हिंसा और भारी पीड़ा का सामना किया। उन्होंने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को याद रखना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन परिस्थितियों को समझ सकें और भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

युवाओं को राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेने की अपील

शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत और सक्षम राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। डिजिटल लाइब्रेरी और स्वतंत्रता संग्राम की वीथिकाओं के शुभारंभ को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यहां प्रदर्शित वीरगाथाएं और ऐतिहासिक प्रसंग युवाओं को देश के स्वतंत्रता आंदोलन और सैनिकों के बलिदान से जोड़ने का काम करेंगे।

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