MP Cabinet Decisions: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले : प्राचार्यों को 1 लाख रुपए देगी सरकार, 10 हजार शिक्षक भर्ती को मिली मंजूरी
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षा, औद्योगिक विकास और सुशासन को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक में सरकारी स्कूलों में बेहतर परिणाम देने वाले प्राचार्यों को प्रोत्साहन राशि देने, 10 हजार शिक्षकों की भर्ती शुरू करने, स्कूलों में AI आधारित शिक्षा लागू करने और ग्वालियर में अत्याधुनिक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से शिक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
बेहतर रिजल्ट देने वाले प्राचार्यों को मिलेगा 1 लाख रुपये का इनाम
कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर और बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत जो शासकीय स्कूल लगातार तीन वर्षों तक बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम हासिल करेंगे, वहां के प्राचार्य को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। इसके अलावा संबंधित स्कूल में विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों को प्रोत्साहित करना है।
स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती
शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार के मुताबिक, इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। भर्ती से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
500 सरकारी स्कूलों में शुरू होगी AI आधारित पढ़ाई
मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा को तकनीक से जोड़ने के लिए ‘मिशन बुनियाद’ के तहत AI आधारित शिक्षा शुरू की जाएगी। पहले चरण में प्रदेश के 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों को इसके लिए चुना गया है। इन स्कूलों में कक्षा 8वीं से 11वीं तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी शिक्षा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
60 नए सांदीपनि स्कूलों पर खर्च होंगे 2500 करोड़
कैबिनेट ने प्रदेश में 60 नए सांदीपनि स्कूलों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इन स्कूलों के निर्माण पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य आधुनिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
औद्योगिक क्षेत्र में ग्वालियर को बड़ी सौगात देने का फैसला किया गया है। सरकार करीब 350 एकड़ क्षेत्र में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करेगी। यह प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल क्लस्टर मोबाइल और नेटवर्क उपकरणों के साथ ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर, 5G और 6G तकनीक से जुड़े अनुसंधान एवं निर्माण का केंद्र बनने की दिशा में काम करेगा।
परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। वहीं, राज्य सरकार करीब 170 एकड़ जमीन मुफ्त में उपलब्ध करा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 596 करोड़ रुपये बताई गई है। सरकार के अनुसार, इस परियोजना से आने वाले समय में 12 से 15 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश और करीब 5 हजार रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
7 अगस्त से शुरू होगा मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को लेकर भी जानकारी दी गई। यह अभियान 7 अगस्त से छिंदवाड़ा से शुरू होगा, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। अभियान के दौरान मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में जनसंवाद और उद्योग संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों तक सेवाओं की पहुंच की जमीनी समीक्षा भी की जाएगी।
शिक्षा, रोजगार और उद्योग पर सरकार का फोकस
मध्य प्रदेश कैबिनेट के इन फैसलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार देने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और औद्योगिक निवेश आकर्षित करने पर खास जोर दिया गया है। 10 हजार शिक्षकों की भर्ती, AI आधारित शिक्षा, नए सांदीपनि स्कूल और ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन आने वाले समय में प्रदेश की शिक्षा और औद्योगिक तस्वीर को बदलने वाली प्रमुख योजनाओं के तौर पर देखे जा रहे हैं।