Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम की जमानत सुप्रीम कोर्ट से रद्द, 3 हफ्ते में सरेंडर का आदेश, फिर जाएंगी जेल
Raja Raghuvanshi Murder Case: नई दिल्ली। इंदौर के चर्चित कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने सोनम की जमानत को रद्द करते हुए उसे तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का कड़ा आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत को निर्देश दिया है कि मामले का ट्रायल अगले 6 महीने के भीतर पूरा किया जाए।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने मेघालय सरकार द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि 6 महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं हो पाता है, तो सोनम दोबारा जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होगी।
Raja Raghuvanshi Murder Case: हाई कोर्ट का फैसला पलटा
मई 2025 में मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने जून 2025 में मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया था। अप्रैल 2026 में ईस्ट खासी हिल्स की जिला एवं सत्र अदालत ने सोनम को जमानत दी थी। मेघालय सरकार ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाई कोर्ट ने जमानत बरकरार रखी। इसके बाद मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहाँ से आखिरकार आरोपी की जमानत रद्द कर दी गई।
Raja Raghuvanshi Murder Case: तकनीकी गलती का फायदा उठाकर नहीं मिल सकती जमानत: SG तुषार मेहता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सोनम के वकील के सामने दो विकल्प रखे थे—या तो वह स्वयं सरेंडर कर दे, या फिर अदालत मामले के गुण-दोष (Merits) के आधार पर फैसला सुनाएगी। मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने दलील दी कि दस्तावेजों में केवल एक कानूनी धारा का नंबर टाइप करने में चूक हुई थी। इतनी मामूली तकनीकी गलती के आधार पर हत्या जैसी गंभीर धारा के आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।